इंदौर:मस्तिष्क को स्वस्थ और शांत रखने में न्यूरो सर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट चिकित्सकों की विशेष भूमिका रहती है. भगवान सभी जगह नहीं पहुँच पाते हैं, इसलिए उन्होंने चिकित्सक बनाए हैं. भगवान का दूसरा रूप चिकित्सक ही होता है. सेहत के लिए मोटा अनाज का सेवन करें, खूब पानी पीए , अच्छी नींद लें और नियमित व्यायाम करें. फास्ट फूड से बचे.यह बात राज्यपाल ने आज न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित 73वीं वार्षिक राट्रीय सम्मेलन एनएस आईकॉन का शुभारंभ करते हुए कही. राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में न्यूरोलॉजी और न्यूरो सर्जन की कांफ्रेंस एनएसआईकॉन 2025 का शुभारंभ किया.
पटेल ने कहा कि मानव शरीर में हाथ, पैर, आँख, नाक आदि अंग होते हैं, लेकिन उनका मुखिया मस्तिष्क होता है. मस्तिष्क ही सभी इंद्रियों को आदेश देता है और उसे नियंत्रित करता है. हमारा मस्तिष्क स्वस्थ और शांत रहे, इस दिशा में न्यूरो सर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट चिकित्सकों की विशेष भूमिका है. कई बार क्रोध की वजह से हम विचलित हो जाते हैं, जिससे कार्य का संपादन ठीक प्रकार से नहीं होता है.
ऐसे समय न्यूरो सर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट अपनी उन्नत चिकित्सा, प्रमाणिक ज्ञान और संवेदनशीलता से मस्तिष्क को स्वस्थ और शांत करते हैं. उन्होंने कहा कि इस चार दिवसीय सम्मेलन से जो निष्कर्ष निकलेगा, वह समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होगा. उन्होंने न्यूरोलॉजी विषय पर दो पुस्तकों का विमोचन किया. साथ ही कुछ चिकित्सकों को लाइफटाइम अवार्ड से सम्मानित किया. साथ ही उन्होंने 73वीं वार्षिक राट्रीय सम्मेलन एनएस आईकॉन के बारे में जानकारी ली.
कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, एनएसआइकॉन के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. वसंत डाकवाले, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. जे. एस. कठपाल, अध्यक्ष डॉ. मानस पाणिग्रही, अध्यक्ष-निर्वाचित डॉ. के. श्रीधर, एजुकेशन एंड ट्रेनिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. लुईस बोर्बा ने दीप प्रज्वलित करके किया. उक्त सम्मेलन 14 दिसम्बर तक चलेगा. इस सम्मेलन में विश्व के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट भाग ले रहे हैं.
चिकित्सा क्षेत्र में लगातार शोध हो रहेः विजयवर्गीय
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर स्वास्थ्य की राजधानी है. यहाँ के चिकित्सक मरीजों की सेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं और सेवा भावना के साथ कार्य करते हैं, यह अपने आप में विशिष्ट हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार शोध और अनुसंधान हो रहे हैं और चिकित्सा गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसके लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना चलाई जा रही है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में आमजन उठा रहे हैं.
नवाचार और सीख का मंच
कॉन्फ्रेंस के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. वसंत डाकवाले ने भाषण में कहा,एनएसआईकॉन 2025 हमारे लिए केवल एक वैज्ञानिक आयोजन नहीं है, बल्कि न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में सहयोग, नवाचार और सीख को एक ही मंच पर लाने का महत्वपूर्ण अवसर है. आने वाले चार दिनों में होने वाले वैज्ञानिक सत्र, चर्चाएँ और शोध प्रस्तुतियाँ न केवल ज्ञानवर्धक होंगी, बल्कि भविष्य की न्यूरोसर्जरी और न्यूरोलॉजी को नई दिशा भी प्रदान करेंगी. ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. जे. एस. कठपाल, ने कहा एनएसआईकॉन 2025 का उद्देश्य हमेशा से यह रहा है कि हम केवल वैज्ञानिक जानकारी साझा न करें, बल्कि ऐसा मंच तैयार करें जहाँ हर प्रतिभागी सीख को अपने रोज़मर्रा के क्लीनिकल अभ्यास में बदल सके
