श्रीनगर, 11 दिसंबर (वार्ता) जम्मू और कश्मीर के सोपोर उप-जिले में पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) मामले में गुरुवार को प्रतिबंधित तहरीक-ए-हुर्रियत के ठिकानों पर तलाशी ली। इस संगठन की स्थापना अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी ने 2004 में की थी।
पुलिस ने कहा कि यह तलाशी यूएपीए की धारा 10 और 13 के तहत 2024 में दर्ज एक मामले की जांच के हिस्से के तौर पर की गयी।
यह तलाशी डेंजरपोरा के निवासी जफर इस्लाम उर्फ यादुल्लाह पीर, आरामपोरा के निवासी लतीफ अहमद कालू और तौहीद बाग के निवासी मोहम्मद अशरफ मलिक के रिहायशी घरों और ठिकानों पर की गयी।
पुलिस ने कहा, “सोपोर में स्पेशल न्यायाधीश यूएपीए की अदालत से वैध तलाशी वारंट मिलने के बाद एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी ली गई।”
पुलिस ने कहा कि इस अभियान के दौरान ज़रूरी सामान और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच की गयी। जांच जारी है और कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि तहरीक-ए-हुर्रियत को केंद्र सरकार ने 2023 में एक गैर-कानूनी संगठन के तौर पर प्रतिबंधित कर दिया था। साल 2021 में गिलानी के निधन और बैन लगने के बाद यह अलगाववादी समूह लगभग खत्म हो गया है।
