भोपाल। रेलवे में चेन पुलिंग के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. पिछले ढाई माह में अब तक इस पर 2038 मामले दर्ज किए गए है. आरोपियों से रेलवे ने 4 लाख 24 हजार रूपये जुर्माना भी वसूला है. जिसका उद्देश्य यात्रियों को ट्रेन में अनावश्यक चेन पुलिंग के नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूक करना है। आरपीएफ लगातार यात्रियों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है ताकि लोग इस आदत से बचें और सुरक्षित यात्रा में सहयोग करें। अभियान के दौरान यात्रियों को बताया जा रहा है कि चेन पुलिंग केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही करें, जैसे कि किसी यात्री की तबीयत खराब हो जाए. कोई यात्री ट्रेन से स्टेशन पर छूट जाए या फिर किसी अप्रिय घटना की आशंका हो. ऐसे में चेन पुलिंग किया जा सकता है.
क्या है अलार्म चेन पुलिंग और इसके नुकसान
अलार्म चेन पुलिंग का उपयोग केवल आपातकालीन स्थितियों में किया जाना चाहिए, लेकिन कई बार यात्री बिना कारण इसका दुरुपयोग कर देते हैं, जिससे कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं. चेन पुलिंग के कारण ट्रेन अचानक रुक जाती है, जिससे सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इससे ट्रेन का शेड्यूल गड़बड़ाने से अन्य यात्रियों की यात्रा प्रभावित होती है। इसके साथ ही बार-बार ट्रेन रुकने से रेलवे को भारी नुकसान होता है, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में रुकावट आती है।
आरपीएफ की सख्त कार्रवाई
रेलवे सुरक्षा बल द्वारा ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है. रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दोषी व्यक्ति को 1 साल तक की जेल, 1000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का सामना करना पड़ सकता है। वर्ष 2024 में आरपीएफ द्वारा 10,391 मामले दर्ज कर ₹40.86 लाख का जुर्माना वसूला गया। वहीं, 2025 में 16 मार्च तक 2038 मामले दर्ज कर ₹4.24 लाख का जुर्माना वसूला गया है।
