आरपीएफ के जवानों ने बिछड़े बच्चों को परिजनों से मिलाया

भोपाल। आरपीएफ के जवानों ने एक ही दिन में भोपाल सहित अलग-अगल स्टेशनों पर मानवता की मिसाल पेश की है. भोपाल स्टेशन पर जहां ऑपरेशन आहट के तहत दो बालकों का रेस्क्यू किया गया. वहीं इसी स्टेशन पर एक मासूम बच्ची का सकुशल रेस्क्यू किया गया. इटारसी स्टेशन पर अकेली मिली एक बच्ची को उसके परिजनों से मिलाया गया. इसके साथ ही इंदौर स्टेशन पर मोबाइल चोर को भी धर दबोजा गया. आरपीएफ के जवानों ने ट्रेन से ले जाई जा रही शराब की खेप को भी पकड़ा है.

रेलवे की जानकारी के अनुसार ऑपरेशन आहट के तहत भोपाल स्टेशन पर गाड़ी संख्या 19313 के कोच एस -6 में दो सहमे हुए नाबालिग बालक पाए गए। पूछताछ में दोनों के नाम आर्यन सिंह (12 वर्ष) और अभिषेक (15 वर्ष) बताए गए। जांच में पता चला कि इन बच्चों के अपहरण का मामला थाना कुरवाई, जिला विदिशा में दर्ज था।

बाद में थाना प्रभारी पूजा अहिरवार के अनुरोध पर दोनों बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया. भोपाल स्टेशन पर ही प्लेटफार्म नंबर 1 पर यात्रियों में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब ट्रेन संख्या 19490 के कोच एस- 4 में एक 8 वर्षीय बच्ची अपनी मां से बिछड़ गई थी। बच्ची की मां विदिशा स्टेशन पर उतर गई थी, लेकिन बच्ची गहरी नींद में सोई रह गई थी। सहायक उपनिरीक्षक भूपेंद्र कुमार और प्रधान आरक्षक संतोष जाटव ने खोज बीन कर बच्ची को परिजनों से मिलाया. इटारसी स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान प्रधान आरक्षक राजेश यादव ने प्लेटफार्म नंबर 4-5 पर एक 10 वर्षीय बच्ची को लावारिस हालत में पाया। पूछताछ में उसने अपना नाम शिफा पिता सलीम खान, निवासी ग्राम खराश, जिला गोंडा बताया। बच्ची ने बताया कि वह गोरखपुर जा रही थी और खाने का सामान लेने के लिए प्लेटफार्म पर उतरी थी, लेकिन ट्रेन चल दी और वह पीछे छूट गई। मेडिकल जांच के बाद बालिका गृह ‘मुस्कान’ में बच्ची को सुरक्षित सुपुर्द किया गया है.

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