नियम सुविधा के लिए हों, न कि जनता को परेशान करने के लिए: इंडिगो संकट के बीच पीएम मोदी का सांसदों को संदेश

नयी दिल्ली, 09 दिसंबर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद भवन में बीजेपी और एनडीए सांसदों की बैठक को संबोधित करते हुए नियम-कानूनों में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। इंडिगो एयरलाइंस के हालिया संकट का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून और नियम जनता को सुविधा देने के लिए होने चाहिए, परेशान करने के लिए नहीं।

इंडिगो संकट का उदाहरण देते हुए दी नसीहत

2 दिसंबर से शुरू हुए इंडिगो के संकट में पायलटों के नए ड्यूटी नियमों के कारण एक सप्ताह तक सैकड़ों उड़ानें रद्द हुईं और लाखों यात्री परेशान हुए। नियम वापस लेने के बाद ही स्थिति सामान्य हुई। इस घटना का हवाला देते हुए पीएम मोदी ने कहा,

“कानून और नियम लोगों को सुविधा देना चाहिए, न कि परेशानी में डालना चाहिए।”

सुधारों का मकसद जनता की जिंदगी आसान करना

पीएम ने सांसदों से कहा कि सुधार सिर्फ आर्थिक या वित्तीय नहीं होने चाहिए, बल्कि इनका असली उद्देश्य आम आदमी की जिंदगी को आसान बनाना होना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने सांसदों को केंद्र, राज्य और अपने संसदीय क्षेत्र की जिम्मेदारियों को विस्तार से समझाया।

सांसदों से की ये अपीलें

अपने क्षेत्रों में ज्यादा सक्रिय रहें और सरकारी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित समारोहों में जरूर शामिल हों।

बैंकों में फंसे करीब 78,000 करोड़ रुपये जनता के पैसे को वापस लाने में सक्रिय सहयोग करें।

तीसरे कार्यकाल में देश को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए अपने काम में और तेजी लाएं।

पीएम मोदी का यह संदेश साफ है – सुशासन का मतलब सिर्फ कागजी नियम नहीं, बल्कि जनता के हित में व्यावहारिक और संवेदनशील नीतियां बनाना है।

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