ग्वालियर: कलेक्टर रुचिका चौहान ने बीएनएसएस की धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर ग्वालियर जिले में प्रत्येक मकान मालिकों द्वारा अपने भवनों में रखे जाने वाले किराएदारों एवं प्रतिष्ठान मालिकों द्वारा अपने संस्थान में रखे जाने वाले स्टाफ को अपने मकान, संस्था में रखे जाने से पूर्व एवं वर्तमान में निवासरत, कार्यरत की पहचान एवं पूर्व निवास व आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर उसकी सूचना संबंधित थाना प्रभारी को 15 दिवस में उपलब्ध कराना अनिवार्य किया है।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि किराएदारों एवं प्रतिष्ठानों में रखे गए स्टाफ के दस्तावेज जिसमें आधारकार्ड, वोटर आईडी, लायसेंस आदि की जानकारी के साथ सूचना 15 दिवस के अंदर थाना प्रभारी को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर उक्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने अपने प्रतिवेदन में अवगत कराया है कि गृह एवं विदेश विभाग भारत सरकार के द्वारा अवैध रूप से रह रहे बांगलादेशी रोहिंग्याओं के निवास के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में ग्वालियर जिले में हाल ही में 9 बांगलादेशी नागरिकों के बांगलादेश निवासरत की कार्रवाई पूर्ण की है। साथ ही यह भी प्रतिवेदित किया है कि कई संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा अपने छद्म नाम से किराए के मकान लेकर ग्वालियर में निवास किया जा रहा है।
इनके अवैध गतिविधियों में संलिप्तता की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए ग्वालियर जिला अंतर्गत सभी मकान मालिकों को आश्रय उपलब्ध कराए जाने पर किराएदार के सुसंगत दस्तावेज प्राप्त किए जाने हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश प्रस्तावित किया है।कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने प्रतिबंधात्मक आदेश में स्पष्ट किया है कि आदेश जारी किए जाने की दिनांक से दो माह की अवधि तक प्रभावशील होगा। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223 एवं अन्य दण्डात्मक प्रावधानों के अंतर्गत दण्डनीय होगा।
