जवाबदेह बाजारवाद पर सरकार-उद्योग के बीच नयी सहमति की जरूरत: सुनील भारती मित्तल

नयी दिल्ली, (वार्ता) भारती एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने गुरुवार को कहा कि विकास को सक्षम बनाने तथा जिम्मेदार पूंजीवादी व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिये सरकार और उद्योग के बीच नया विश्वास जगाने और नयी सहमति कायम किये जाने की जरूरत है।

श्री मित्तल ने कहा कि भारत के उद्यमी राष्ट्रीय प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बाधाओं को दूर करने और भारत की विकास यात्रा को गति देने के लिए सरकार की ओर से एक सक्षम वातावरण बनाया जाना आवश्यक है। वह यहां उद्योग मंडल सीआईआई के वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन 2025 के एक विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे, जिसका विषय था ‘विश्वास का निर्माण: जिम्मेदार पूंजीवाद।’ वह सीआईआई के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने सरकार और उद्योग जगत के बीच विश्वास को बढ़ावा दिये जाने पर भी बल दिया।

श्री मित्तल ने राष्ट्र निर्माण में उद्योग की भूमिका पर जोर देते हुये कहा कि विश्वास एक महत्वपूर्ण लेकिन अपूर्ण संपत्ति है। उन्होंने कहा, “ हमें अपने सभी निर्णयों के मूल में ‘भारत पहले’ को रखना चाहिए। उद्योग देश के आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाता है, लेकिन सभी हितधारकों का पूरा विश्वास जीतने के लिए उसे और अधिक उपक्रम करना चाहिए।”

उन्होंने भारत की आर्थिक वृद्धि तेज करने के लिए चार प्रमुख क्षेत्रों युवा प्रतिभा का लाभ, अनुसंधान एवं विकास में निवेश बढ़ाने, व्यापार एवं निर्यात के प्रति नयी सोच तैयार करने तथा नीतियों के सह-निर्माण पर बल दिया।

उन्होंने नीतियों के सह-निर्माण का आह्वान करते हुए कहा,“ विकसित भारत के सपने को गति देने की आवश्यकता है। उद्योग को नीतिगत कमियों की पहचान करने और भारत के निर्माण में वास्तविक गति पैदा करने वाले ढाँचे सुझाने के लिए सरकार के साथ सक्रिय रूप से काम करना चाहिए।

सत्र का संचालन सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने किया।

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