
तेहरान 21 जून (वार्ता) ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग्ची ने कहा है कि उनके देश को ये यकीन नहीं है कि वो इजरायल के साथ शांति वार्ता में मध्यस्थता करने के लिए अमेरिका पर भरोसा करे या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की समझौता वार्ता ईरान पर इजरायली हमले को “कवर” करने के लिए थी।
श्री अराग्ची ने शुक्रवार को एनबीसी न्यूज के साथ साक्षात्कार में अमेरिका पर ”कूटनीति के साथ विश्वासघात” करने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिकी अधिकारियों को ” समझौता वार्ता मेें समाधान निकले इसके प्रति अपना दृढ़ संकल्प दिखाना चाहिए।” उन्होंने कहा, ”हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि अमेरिका की समझौता वार्ता वास्तव में इजरायल द्वारा किए गए हमलों के समर्थन के लिए थी।” ”हमें नहीं पता कि हम अब अमेरिका पर कैसे भरोसा कर सकते हैं।”
इजरायल ने हाल ही में ईरान पर कई हवाई हमले किए जिसमें देश के सबसे बड़े परमाणु स्थल इस्फ़हान परमाणु अनुसंधान परिसर को निशाना बनाया गया। ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की कि कुछ बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, लेकिन कोई खतरनाक रिसाव नहीं हुआ। इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने कथित तौर पर ईरान के क़ोम प्रांत में एक आवासीय इमारत को भी निशाना बनाया, जिसके कारण दो नागरिकों की मौत हो गई, चार घायल हो गए और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा।
श्री अराग्ची 57 देशों के इस्लामिक सहयोग संगठन की शनिवार को होने वाली बैठक से पहले शुक्रवार रात तुर्की पहुंचे, जहां उन्होंने ”इजरायली आक्रामकता” की निंदा की। उन्होंने इस्तांबुल में ईरानी मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह ”ईरानी लोगों की मासूम और नेक आवाज़ को सुनाने के लिए इस अवसर का पूरा उपयोग करेंगे।”
श्री अराग्चीने कहा कि उनकी तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और अन्य अधिकारियों से मिलने की भी योजना है।
