
ग्वालियर। पानीपत युद्ध के महायोद्धा महादजी शिंदे की 231वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर महादजी भक्त मण्डल के अध्यक्ष जयेन्द्र राव संभाजीराव अवाड ने महादजी पार्क में प्रतिमा स्थल पर शस्त्र पूजन किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि महादजी शिंदे में नेतृत्व शक्ति और सैनिक प्रतिभा तो थी ही साथ ही राजनीतिज्ञता भी असाधारण थी। उन्हीं की दम पर पानीपत की तीसरी लड़ाई के बाद मराठा साम्राज्य का पुनरुत्थान हो सका था। उनकी सेना उस समय सबसे प्रशिक्षित सेना मानी जाती थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई विद्रोहों का दमन किया था।
इस अवसर पर सद्गुरु अण्णा महाराज मठ के महंत मनीष विठ्ठल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लाल टिपारा गौशाला के अध्यक्ष स्वामी वृषभदेवानंद ने की।
इस अवसर पर नीलेश करकरे, रमेश अग्रवाल, ईश्वरचंद करकरे, नीलेश करकरे, तुषार घोडके, निशिकांत मोघे, अमर कुटे सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
