
इंदौर. राजेंद्र नगर स्थित लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में बुधवार को माहौल पूरी तरह सियासी तेवरों से भरा रहा. अमृत 2.0 इंदौर जलप्रदाय योजना पैकेज 1 के भूमिपूजन मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्रियों ने एक के बाद एक विपक्ष को घेरा. 800.19 करोड़ रुपये की जल परियोजना का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने बिना किसी लाग लपेट कहा कि आपदा के समय राजनीति करना इंदौर को मंजूर नहीं है. मंच से उन्होंने दो टूक कहा हमने भी वह कठिन दौर देखा है, लेकिन अगर कोई लाशों पर राजनीति करेगा तो इंदौर उसे बर्दाश्त नहीं करेगा.
इस दौरान मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति के संयोग का जिक्र करते हुए कहा कि यह आगे बढ़ने का संकल्प लेने का दिन है और इंदौर ने एक बार फिर तय कर लिया है कि वह रुकने वाला नहीं है. देश में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाले शहरों में इंदौर सबसे आगे है और यही पहचान पूरे प्रदेश के लिए गर्व है. संकट के दिनों में सरकार और नगर निगम ने पूरी ताकत से काम किया, इसलिए हर हाल में खड़े होने का नाम इंदौर है. इस दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से इतिहास के पन्ने पलटते हुए इंदौर में नर्मदा का पानी आने की कहानी सुनाई. 1966 के अकाल और नर्मदा आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे अच्छी तरह से ध्यान हैं, इंदौर ने पानी के लिए संघर्ष देखा है. “नर्मदा नहीं होती तो आज इंदौर भी नहीं होता,” कहते हुए उन्होंने विपक्ष पर एक घटना के बहाने शहर, सफाईकर्मियों और इंदौर की छवि पर हमला करने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि भाजपा ने शहर को क्या दिया, यह जनता जानती है, इसलिए इंदौर नंबर वन था और हमेशा रहेगा. वहीं जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि बीते दिनों इंदौर ने बड़ी विपत्ति देखी, लेकिन शहर ने हार नहीं मानी. अब इंदौर फिर मजबूती से आगे बढ़ने को तैयार है. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी साफ कहा कि संकट से सबक मिला है और दुख भी, लेकिन आपदा में अवसर तलाशने वालों ने इंदौर का अपमान किया है. परियोजना के तहत जलूद और भकलाय क्षेत्र में 1650 एमएलडी क्षमता का नया इंटेकवेल बनेगा। 2235 एमएम व्यास की रॉ-वाटर और क्लियर-वाटर पंपिंग मेन से जल परिवहन क्षमता बढ़ेगी, जिससे आने वाले वर्षों में इंदौर की जल आपूर्ति को नया संबल मिलेगा.
मंच से चुटकी और ठहाके
कार्यक्रम के दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पूरे चुटीले अंदाज में नजर आए. नर्मदा इंदौर कैसे आई, इसका इतिहास सुनाते हुए उन्होंने पुराने आंदोलन और संघर्ष का जिक्र किया तो मंच और पंडाल दोनों में ठहाके गूंजे. बातों-बातों में उन्होंने जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट पर भी हल्की चुटकी ली और नर्मदा के कामों को लेकर उन्हें “इंदौर का सबसे व्यस्त मंत्री” बताया. सांसद शंकर लालवानी भी उनके निशाने पर आए कह दिया कि सांसद जी हर कार्यक्रम में रहते हैं, इसलिए अब इंदौर के हर काम का श्रेय लेने का हक भी इन्हीं का बनता है. मंत्री के इस अंदाज पर मुख्यमंत्री सहित मंचासीन नेता मुस्कुराते दिखे, वहीं श्रोताओं ने तालियों से माहौल और हल्का कर दिया.
