मुंबई | शिवसेना नेता शाइना एनसी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा की गई बयानबाजी पर कड़ी आपत्ति जताई है। शाइना ने कहा कि ममता बनर्जी को किसी नेता की मौत पर राजनीति और अफवाहें फैलाने से बचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक दुखद हादसा था और इसे ‘बी-ग्रेड’ फिल्म की कहानी की तरह ‘साजिश’ बताना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। शाइना के अनुसार, तकनीकी खराबी की जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना तथ्यों के इसे षड्यंत्र का नाम देना देश और महाराष्ट्र की जनता को गुमराह करने जैसा है।
अजित पवार को श्रद्धांजलि देते हुए शाइना एनसी ने उनके जीवन से जुड़े एक अत्यंत दुर्लभ और ‘अजीब’ संयोग का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जिस बुधवार को प्लेन क्रैश में उनकी जान गई, उस दिन दादा की उम्र के 66 साल, 6 महीने और 6 दिन पूरे हुए थे। इतना ही नहीं, वह अपने राजनीतिक करियर में छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री भी रहे। शाइना ने उनके 50 साल के लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि बारामती से लेकर मंत्रालय तक, उन्होंने एक कुशल प्रशासक के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी है, जिसकी कमी राज्य की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार को हमेशा खलेगी।
अजित पवार की कार्यशैली पर चर्चा करते हुए शाइना ने उन्हें एक ‘सुबह का नेता’ बताया। उन्होंने याद किया कि अजित दादा हर सुबह 6:00 से 7:30 बजे तक अपना ‘ओपीडी वार्ड’ (जनता दरबार) खोलते थे, जहाँ वे सीधे लोगों की समस्याओं का समाधान करते थे। शाइना, जो उनकी पड़ोसी भी रही हैं, ने बताया कि पवार न केवल एक बड़े राजनेता थे, बल्कि एक बेहद सक्षम एडमिनिस्ट्रेटर भी थे। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के लिए वे एक बड़े भाई की तरह थे। उनके निधन से महाराष्ट्र ने एक ऐसा नेता खो दिया है जो जमीन से जुड़ा था और अनुशासन के लिए जाना जाता था।

