इंदौर: नर्मदा के तीसरे चरण के बाद आज भी शहर के कई ऐसे क्षेत्र है जहां नर्मदा का पानी नहीं पहुच रहा है. लोग निजी या सरकारी बोरवेल पर निर्भर हैं. ऐसे मे उसका खराब होना पर और गर्मियों में लोगों के सामने समस्या खड़ी हो जाती है.पालदा क्षेत्र में नर्मदा पानी को लेकर वार्ड क्रमांक 75 से शिकायत सामने आई है. वार्ड पूरी तरह से उद्योग क्षेत्र में है. यहां बसी बस्तियों में अधिकांश मजदूर वर्ग निवास करता है.
वहीं वार्ड का समता नगर जो कि न्यू आरटीओ मार्ग तेजाजी चौक पालदा की मुख्य सड़क आधा किलोमीटर अंदर है, यहां कई मकान है में सैकड़ों परिवार बसते हैं. पानी की सुविधा को लेकर क्षेत्र में बावड़ी के पास सिर्फ बोरिंग है. अगर बोरिंग ख़राब हो जाता है या पानी की कमी पड़ने पर लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. बताया जाता है कि सबसे ज़्यादा परेशानी गर्मियों के दिनों में होती है. क्षेत्रवासियों को दो-दो किलो मीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है. समता नगर के लोगों ने अख़बार के माध्यम से अपने क्षेत्र में नर्मदा लाईन डालने की मांग रखी है ताकि उन्हें पानी की किल्लत से निजात मिल सके.
इनका कहना है
क्षेत्र में अधिक निजी बोरिंग होने के चलते सरकारी बोरिंग में पानी की कमी पड़ जाती है. लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता. सभी लोग फिर बर्तन लिए इधर-उधर जाते है.
– भावना वर्मा
जब पानी की किल्लत बढ़ती है तो सभी तो समस्या उठानी पड़ती है. एक बोरिंग और लोग ज़्यादा हैं. ऐसे में बोरिंग कब तक दम भरेगा. जब ख़राब होता है लोग परेशान होते हैं.
– प्रमिला बाई
क्षेत्र फैल चुका है और लोग भी बढ़ गए हैं. ऐसे में पानी की पूर्ति नहीं हो पाती है. हम सभी बोरिंग से संतुष्ट नहीं है. समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिलता. हमे नर्मदा पानी की लाईन चाहिए.
– अलका चैधरी
दो साल और वंचित रहेंगे
अमृत योजना चलाने के बाद भी निगम ने तीन साल निकाल दिए. कई बार मैंने निगम को आवेदन दिए. धरना भी दिया. मुझे लगता है कि दो साल और यह योजना से लोग वंचित रहेंगे.
– कुणाल सोलंकी
