उज्जैन: नए वर्ष के आगमन पर महाकाल की नगरी में मन्दिर प्रशासन के नवाचार व बेहतर व्यवस्थाओं से जहां भक्तों को सुगम दर्शन मिलेंगे, वहीं डिजिटल व्यवस्था और बस सेवा शहर की धार्मिक यात्रा को और भी सुखद बनाने जा रही है. महाकाल के जयकारों के बीच उज्जैन एक बार फिर नई चमक के साथ भक्तों का स्वागत करेगा.
नए वर्ष में महाकालेश्वर मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन और बेहतर सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए महाकाल मंदिर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. प्रशासनिक स्तर पर यह व्यवस्था महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक, उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह के निर्देशन में की जा रही है.
परिसर व महाकाल लोक का निरीक्षण
इसी क्रम में सोमवार को महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने महाकाल मंदिर परिसर से लेकर महाकाल लोक तक निरीक्षण किया. शौचालय से लेकर पेयजल व सभी जरूरी स्थान पर संकेतक लगाए जाने के निर्देश दिए, उन्होंने बाग-बगीचों में हरियाली बनाए रखने, फूल-पत्तियों और पेड़ों की नियमित देखरेख के लिए मालियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए. पेयजल व्यवस्था और निर्माण कार्यों की स्थिति भी देखी गई. जहां लापरवाही पाई गई, व टूट -फूट देखी गई वहां तत्काल सुधार के आदेश दिए गए.
स्मार्ट सिटी को लगाई लताड़
मंदिर प्रशासन प्रथम कौशिक ने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को कार्य में लापरवाही बरतने पर लताड़ लगाई. स्मार्ट सिटी को फटकार लगाते हुए कहा कि, पूरे मंदिर परिसर में जहां-जहां निर्माण कार्य किए है वह सब लापरवाही की भेंट चढ़ रहे हैं, ध्यान देना ही बंद कर दिया है, ऐसे में सभी कार्य निर्धारित समय में पूर्ण करने को कहा.
उज्जैन दर्शन यात्री बस सेवा फिर शुरू
नवभारत से चर्चा में प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि श्रद्धालुओं को केवल महाकाल दर्शन ही नहीं, बल्कि उज्जैन के अन्य प्रमुख देवालयों और शिवालयों के दर्शन भी कराए जाएंगे. इसके लिए उज्जैन दर्शन यात्री बस सेवा एक बार फिर शुरू की जा रही है.
बस में विशेष सुविधाएं
उज्जैन दर्शन बस सेवा के तहत बड़े पैमाने पर सुधार किए गए हैं. व्यवस्था, बढ़ाई गई है, आरामदायक आधुनिक सीटें रहेंगी, उतरने- चढ़ने बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था मिलेगी. बस के अंदर आधुनिक सामग्री व सूचना व्यवस्था का इजाफा किया गया है.
क्यू आर कोड व डिजिटल भुगतान
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को डिजिटल सुविधा देने हेतु कई स्थानों पर क्यू आर कोड- बारकोड लगाए जाएंगे. इससे श्रद्धालु ,महाकाल प्रबंध समिति को दान आसानी से कर सकेंगे. लड्डू प्रसाद खरीद सकेंगे, शीघ्र दर्शन शुल्क सीधे ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे. इसका उद्देश्य है कि किसी भी श्रद्धालु को कतार में लगने या भुगतान में दिक्कत न हो.
लगातार निगरानी हो रही
सोमवार को मन्दिर प्रशाशक समेत सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल, सुरक्षा अधिकारी जयंत राठौर सहित स्मार्ट सिटी टीम लगातार निरीक्षण में रही. प्रबंधक प्रथम कौशिक ने साफ कहा कि नववर्ष पर भक्तों की सुविधा सर्वोपरि है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, अधीनस्थों से लगातार निगरानी के लिए कहा है
