
इंदौर. जिले में बायोडीजल की आड़ में हो रही मिलावटखोरी का बड़ा खुलासा हुआ है. देपालपुर स्थित स्थित प्राप्ति बायो डीजल पंप पर छापे में विभाग ने भारी मात्रा में नकली ईंधन पकड़ा और पूरे पंप को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया. यहां पर 17 हजार लीटर से ज्यादा का डीजल जब्त कर संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
रविवार को मिली शिकायत के आधार पर खाद्य विभाग की टीम ने देपालपुर के मे. प्राप्ति बायो डीजल पंप की जांच की. प्रारंभिक परीक्षण में टैंक में भरा डीजल मानक के अनुरूप नहीं पाया. पंप पर डेंसिटी 821 दर्ज हुई, जबकि बीएस 100 श्रेणी वाले बायोडीजल की डेंसिटी 900 से अधिक होना अनिवार्य है. टीम में सहायक आपूर्ति अधिकारी शिव सुंदर व्यास, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अजय अस्थान और सर्वेश सिंह गामड़ शामिल रहे. जांच के दौरान सामने आया कि पंप संचालक राज्य सरकार की अधिकृत छह कंपनियों के सप्लायर से ईंधन लेने के बजाय अनाधिकृत स्रोतों से माल मंगा रहा था. पंप परिसर से 17,671 लीटर नकली बायोडीजल जब्त किया, जिसकी बाजार कीमत 15 लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है. इसके बाद पंप की बिक्री तुरंत बंद करवाई गई. डिस्पेंसिंग यूनिट, भूमिगत टैंक और पूरे परिसर को सील कर दिया. विभाग ने मौके से 6 सैंपल लिए हैं जिन्हें अधिकृत लैब में भेजा गयाहै. जांच अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने पर पंप संचालक के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन को आशंका है कि ऐसे और भी पंप क्षेत्र और आसपास के इलाकों में सक्रिय हो सकते हैं, जिन्हें चिन्हित करने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है.
