
जबलपुर। मप्र स्टेट बार कॉउंसिल के वाईस चेयरमेन एवं जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष आरके सिंह सैनी ने कहा है कि वर्तमान में महिला अधिवक्ताओं की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए स्टेट बार कॉउसिल और अन्य अधिवक्ता संघो में महिला अधिवक्ताओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण जरूरी हो गया है। वह इसलिये कि महिला अधिवक्ताओं का भी सही ढंग से कॉंउसिल एवं संघो में प्रतिनिधित्व हो सके।
श्री सैनी ने बताया कि इसके लिए सुप्रीम कोट में एक पीआईएल लगी हुई है, जिसमें कल 8 दिसंबर को सुनवाई होना है। जिसकों लेकर आज सात दिसंबर को बार कॉउसिल ऑफ इण्डिया की एक महत्वूपर्ण बैठक दिल्ली में हो रही है, जो कि स्वागत योग्य है। यदि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण संबंधी आदेश आता है तो वह स्वागत योग्य है। साथ ही साथ श्री सैनी ने बताया कि इसी तरह हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट में भी महिला जजों के लिए भी 33 फीसदी आरक्षण होना चाहिए।
