इंदौर: नगर निगम ने भागीरथपुरा की घटना से सबक लेकर 15 सौ करोड़ रुपए का कर्ज लेकर शहर एमआर नर्मदा जल वितरण व्यवस्था सुधारने का निर्णय लिया है. उक्त कार्य अलावा निगम में नए पदों नियुक्ति और भर्ती करने की स्वीकृति भी दी गई है.नगर निगम महापौर परिषद की आज बैठक हुई. बैठक में भागीरथपुरा में दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. इसके बाद बैठक में शहर की जलप्रदाय व्यवस्था के तहत नई लाइन डालने और पुरानी लाइनों को सुधारने के लिए 15 सौ करोड़ रुपए का कर्ज लेने की सहमति दी गई है.
एमआईसी ने शहर में स्वच्छता अभियान,सफाई सजावट के कामों पर भी करोड़ों रुपए के कार्यों की स्वीकृति दी गई. साथ ही पीएमआरवाय योजना में 8 हजार आवासीय ईकाइयों के लिए डीपीआर, लिंबोदी तालाब का 5 करोड़ से जीर्णोद्धार, महापौर पास योजना में 3 करोड़ और मुख्य मार्गों के साथ कॉलोनियों को जोड़ने वाली सड़कों का पेंचवर्क के टेंडर मंजूर किया गया. भागीरथपुरा की घटना से सीख लेकर नए पदों की नियुक्ति करने के साथ ही केमिस्ट के चार पद और जरूरत पड़ने पर और अधिक भर्ती करने की स्वीकृति दी गई है, ताकि भागीरथपुरा जैसी घटना और जल सुनवाई में शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा सके. बैठक में निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, महापौर परिषद सदस्य राजेन्द्र राठौर, निरंजनसिंह चौहान, अश्विनी शुक्ल,अभिषेक शर्मा,नंदकिशोर पहाडिया, राकेश जैन, मनीष शर्मा मामा, राजेश उदावत, प्रिया डांगी, समस्त अपर आयुक्त, उपायुक्त, विभाग प्रमुख उपस्थित थे.
राहुल गांधी देर से जागे – महापौर
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने राहुल गांधी के इंदौर आने पर कहा कि राहुल गांधी बहुत देर से जाग्रत हुए. वे समस्या के लिए आ रहे हैं, वैसी कई समस्याएं कांग्रेस शासित राज्यों में भी हुई है, उस पर उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी. अर्बन डेवलपमेंट, पानी, ड्रेनेज पर कांग्रेस की रिसर्च राहुल स्वयं बताएं. राहुल गांधी अपनी पार्टी के नेताओं से पूछे वो प्रदर्शन करने आए थे या रील बनाने आए थे? क्या ये केवल आंदोलन प्रदर्शन तक ही सीमित था? जिस स्तर का बयान और शब्दों का प्रयोग जीतू पटवारी ने किया उनका मैं उपयोग नहीं कर सकता हूं. आज उनको सदाचार की समझ ताई से मिलने के बाद आ गई है, जो सामूहिक प्रयास और समाधान की बात कर रहे है
