मंडला: वन मंडल परिक्षेत्र के जगमंडल ककैया बीट में पिछले दो सप्ताह से बाघ की सक्रियता ने इलाके में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। मरार टोला गांव के समीप तालाब के पास लगातार बाघ की मूवमेंट देखी जा रही है, जिसने अब तक आधा दर्जन से अधिक घरेलू पशुओं की मौत का कारण बना है।ग्रामीण अत्यंत भयभीत हैं और रात के समय घर से बाहर निकलने से कतराते हैं। तीन दिसंबर की रात एक भैंस को बाघ ने ज़ोरदार हमला कर मारा, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
स्थानीय ग्रामीण मनोज भांवरे, सुरेश पटैल तथा अन्य ने बताया कि बाघ की दहाड़ गांव के कई हिस्सों में सुनाई देती है, जिससे उनके सम्मुख खड़ा होना हर किसी के लिए मुश्किल हो गया है।वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार गश्त पर है। जगमंडल रेंज की रेंजर लतिका तिवारी ने पुष्टि की कि बाघ की मौजूदगी बनी हुई है क्योंकि यह क्षेत्र कान्हा टाइगर रिजर्व से सटा हुआ वन क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि बाघ एक हिंसक और खतरनाक जानवर है, इसलिए ग्रामीणों से सावधानी बरतने और किसी भी बाघ की नजर आने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करने की अपील की गई है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, तीन दिसंबर को छवि लाल भांवरे की भैंस सहित मरार टोला एवं आसपास के अन्य गांवों के लगभग छह पशुओं को बाघ ने अपना शिकार बनाया है। वन विभाग का कहना है कि ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जंगल की तरफ जाने से बचना जरूरी है।ग्रामीण क्षेत्र में वन्यजीवों की इस बढ़ती सक्रियता को लेकर सुरक्षा उपकरणों और स्थानीय प्रशासन से तत्काल मदद की उम्मीद कर रहे हैं।
वन विभाग की टीम भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही इस क्षेत्र से बाघ को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की योजना पर काम कर रही है।इस आपदा से ग्रामीणों को बचाने के लिए प्रशासन व वन विभाग को तेजी से कदम उठाने की जरूरत है ताकि यहां का भ्रमण सुरक्षित और फिर से शांति कायम हो सके।
