उज्जैन: महाकाल मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा 4 हजार कमरों वाले महाकाल भक्त निवास का निर्माण किया जा रहा है. इसके लिए पूरा निर्माण दानदाताओं की राशि से किया जाएगा. ऐसे में एक वेबसाइट का निर्माण किया गया है जिसकी लांचिंग मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा की जाएगी.
यह धर्मशाला मध्यम वर्गीय और साधारण श्रेणी के श्रद्धालुओं को सस्ती दरों पर रहने की सुविधा उपलब्ध कराएगी. इस परियोजना के लिए विशेष वेबसाइट बनाई गई है, जिसे संभवतः 14 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उज्जैन आगमन पर लॉन्च किया जाएगा.
वेबसाइट का होगा प्रचार प्रसार
नवभारत से चर्चा में महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि वेबसाइट के लॉन्च होने के बाद देश-विदेश के श्रद्धालु और दानदाता ऑनलाइन दान कर सकेंगे और दान की राशि से ही कमरों का निर्माण आगे बढ़ाया जाएगा. लॉन्चिंग के बाद उक्त वेबसाइट का प्रचार प्रचार सोशल मीडिया के माध्यम से भी किया जाएगा इससे श्रद्धालु प्रेरित होंगे और अधिक से अधिक दान करेंगे.
2000 की जगह अब 4000 कमरे
पूर्व प्रस्ताव में इस परियोजना में 2000 कमरे बनाने की योजना थी, जिसकी अनुमानित लागत करीब 26 करोड़ रुपये थी, उज्जैन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब 4000 कमरे बनाए जाएंगे.
कुल लागत 200 करोड़
महाकाल भक्त निवास में 4000 कमरों के निर्माण की लागत बढ़कर लगभग 55 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. इसके साथ ही अन्य विकास कार्यों को मिलाकर इस पूरे प्रकल्प पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
महाकाल भक्त निवास पर एक नजर
यह भक्त निवास हरी फाटक ब्रिज के पास इंदौर-उज्जैन रोड सिक्स लेन पर 32 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है. यहां जी प्लस 4 संरचना में 15 ब्लॉक बनाए जाएंगे, जिनमें एसी और सामान्य कमरे होंगे. प्रकल्प में एडमिन ऑफिस, वेटिंग एरिया, कैफेटेरिया, अन्न क्षेत्र (भोजन), पार्किंग, ई-बस चार्जिंग स्टेशन सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी.
25 करोड़ से समतलीकरण
नवभारत से चर्चा में विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि उक्त कार्य का टेंडर जारी होकर स्वीकृत हो चुका है और निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. दिसम्बर 2025 तक नींव और बेसमेंट संबंधी महत्वपूर्ण कार्य पूरा होने की संभावना जताई जा रही है. भक्त निवास के निर्माण से शहर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए किफायती ठहरने की सुविधा उपलब्ध होगी और पर्यटन के साथ शहर की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा. पूरा समतलीकरण और जरूरी निर्माण कार्य 25 करोड़ की लागत से किया जा रहा
