इंदौर: शहर में दूषित पानी की समस्या, विशेष रूप से भागीरथपुरा क्षेत्र में, 2026 की शुरुआत में एक गंभीर स्वास्थ्य संकट के रूप में सामने आई है. लेकिन, इस समस्या से शहर के कई इलाके जूझ रहे हैं. अब गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है. जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, पानी की मांग के साथ-साथ इस तरह के संदूषण के और फैलने की आशंका बढ़ गई है, जिससे रहवासियों में चिंता है.
इसी तरह दूषित पानी के साथ ही पानी की किल्लत का मामला छोटी बमोरी क्षेत्र से भी सामने आया है. वार्ड क्रमांक 44 के सेठी संबंध नगर में पिछले कई वर्षों से पानी की किल्लत और दूषित जल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है. अधिकांश मजदूर एवं निम्न वर्गीय परिवारों की आबादी वाले इस क्षेत्र में नियमित और स्वच्छ जल सप्लाई नहीं हो पा रहा है.
हालांंकि, क्षेत्र में सरकारी बोरिंग लगा हुआ है, जो पिछले एक साल से खराब पड़ा हुआ है. नर्मदा लाइन से नलों में बेहद कम पानी आता है, जिससे दैनिक जरूरतों की पूर्ति नहीं हो पाती. कई बार सप्लाई के दौरान गंदा और बदबूदार पानी आने लगता है, लोगों को मजबूरी में वही पानी उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं. क्षेत्रवासियों ने पानी की कमी और दूषित जल की शिकायत कई बार स्थानीय पार्षद तथा नगर निगम के संबंधित झोन कार्यालय में दर्ज कराई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया. रहवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार कर स्वच्छ और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें वर्षों पुरानी इस समस्या से राहत मिल सके.
यह बोले रहवासी….
नल में शुरू से ही गंदा पानी आने लगता है और जब साफ पानी आता है तो नल बंद हो जाते हैं. क्षेत्र में आने वाले दो कर्मचारियों को हमने शिकायत की थी, उसके बाद वह भी पलटकर नहीं आए.
– कमला बोरासी
पानी बहुत कम आता है, वह भी एक दिन छोडक़र. परिणामस्वरूप लोगों को इधर-उधर जाकर पानी भरना पड़ता है. लोग बहुत परेशानी उठाते आ रहे हैं. मेरे यहां तो पिछले पंद्रह दिनों से पानी आ ही नहीं रहा.
– राजू बाई
एक तो गंदा पानी, ऊपर से पानी कम आता है. क्षेत्र में जो बोरिंग है, वह पिछले वर्ष से ही बंद पड़ा हुआ है. अगर वह चालू हो जाए तो लोगों को कुछ राहत मिल सके.
– रेखा बाई
