इंदौर:इंदौर जिले में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य 99 प्रतिशत पूरा होने का दावा किया है. पुनरीक्षण कार्य में साढ़े 5 लाख मतदाता कम होने की जानकारी सामने आ रही है. इसमें से 41 हजार से ज्यादा मतदाताओं का निधन हो चुका है और बाकी 5 लाख मतदाता गायब है.आश्चर्यजनक बात यह है कि कुल मतदाता में से करीब 20 प्रतिशत मतदाता कम हो रहे है.
इससे बढ़कर यह है कि शहर के कई विधानसभा क्षेत्र में 25 प्रतिशत मतदाता गायब है और यह जीत के आंकड़े से दो गुना तक जा रहे हैं. कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज बताया कि इंदौर जिले में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य 99′ पूरा हो गया है. आज रात तक यह शत प्रतिशत कार्य पूर्ण हो जाने का दावा भी किया है. 2023 के विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 28.61 लाख थी.
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में यह घटकर 22.30 लाख रह गई है. मतलब यह है कि करीब 5.50 लाख मतदाता गायब है. यह आंकड़ा आश्चर्यचकित करने वाला है. इससे बढ़कर यह है कि विधानसभा 1 में 97220, विधानसभा 2 में 90 हजार, विधानसभा 3 में 32200, विधानसभा 4 में 50 हजार, विधानसभा 5 में 1.1 लाख, देपालपुर में 35 हजार, विधानसभा सांवेर 31500, महू में 33350 और राऊ 74 हजार मतदाता गायब है.
12 प्रतिशत मतदाता कम
इसको यूं देखे तो विधानसभा 1 में कैलाश विजयवर्गीय 58 हजार, दो में रमेश मेंदोला 1 लाख 7 हजार, गोलू शुक्ला 14750, मालिनी गौड़ 69850, महेंद्र हार्डिया 15700, मधु वर्मा 35522, मनोज पटेल 13700, उषा ठाकुर 34400 और सांवेर से तुलसी सिलावट 69 हजार वोटों से जीते थे. उपरोक्त आंकड़े के अनुसार जीत और मतदाता गायब होने में शहरी क्षेत्र में 25 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 12 प्रतिशत मतदाता कम होने की जानकारी सामने आ रही है. पूरे जिले में 18 से 20 प्रतिशत मतदाता कम होंगे, जो आंकड़े बताए जा रहे हैं.
चर्चा का विषय?
मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में जिसतरह से मतदाता के गायब या नहीं होने की जानकारी सामने आ रही है. उससे यह सवाल खड़े होना लाजिमी है कि क्या शहर की सभी विधानसभा में पिछले चुनाव में जीत के अंतर से दो गुना या उसके करीब मतदाता या तो पहले से ही नहीं थे या मतदाता सूची में गड़बड़ी थी? यह भी एक चर्चा का विषय है.
गायब मतदाता का विवरण
– 41 हजार की मृत्यु हो चुकी है
– 2.55 लाख दर्शाए पते पर रहते ही नहीं है
– 2 लाख के करीब मतदाता शिफ्ट यानि विधानसभा या जिला बदल चुके हैं.
– 45 हजार मतदाता अन्य कारणों से नहीं मिले हैं
