
देवास। इंदौर के कनाडिया क्षेत्र निवासी दिनेश मकवाना की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इंदौर–देवास इलाके में हलचल मचा दी है। दिनेश मकवाना देवास में लाइसेंसी शराब दुकान का संचालन करते हैं। मामला अब आत्महत्या से आगे बढ़कर उगाही, धमकी, ब्लैकमेल और अवैध आर्थिक लेनदेन के गंभीर आरोपों में बदल चुका है।
शिकायतों और जवाबी शिकायतों के बाद परिजन और जिला आबकारी अधिकारी आमने–सामने आ गए हैं।
परिजनों ने पुलिस को दिए आवेदन में दावा किया है कि—
दिनेश करनावद व डबल चौकी चापड़ा की शराब दुकानों का लाइसेंसी संचालक था।
उससे हर महीने हर दुकान से करीब एक लाख पचास हजार की उगाही की जाती थी।
अब तक वह बाइस लाख रुपए से अधिक राशि अधिकारियों को दे चुका था।
विभागीय दबाव, डर, धमकियों और झूठे केस में फँसाने की आशंका से वह मानसिक रूप से टूट चुका था।
इसी तनाव से उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
परिजनों ने जिला आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित पर सीधे आरोप लगाया है कि वे लगातार आर्थिक दबाव बना रही थीं और उनके अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा युवक को डराया–धमकाया जाता था।
परिजनों ने एक कथित वीडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी है, जिसमें दिनेश उगाही और दबाव का जिक्र करता दिखाई दे रहा है।
अधिकारी का पलटवार—परिजन मुझे ब्लैकमेल कर रहे थे, दो करोड़ रुपये की मांग रखी
दूसरी और जिला आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने पुलिस अधीक्षक देवास को लिखित शिकायत देकर आरोप पूरी तरह खारिज किए हैं।
उन्होंने कहा कि—
मृतक की माँ संतोष मकवाना, रिश्तेदार बृजेश मकवाना और लेखराज पटेल ने मिलकर उनके स्टाफ को धमकाया।
उन्होंने दावा किया कि उनके पास एक अनवेरिफाइड वीडियो है जिसे वे मीडिया में वायरल कर देंगे।
वीडियो को दबाने और मामले को “सेटल” करने के लिए दो करोड़ रुपए की अवैध मांग की गई।
भुगतान न करने पर मीडिया को शामिल कर उनकी छवि खराब करने की धमकी दी गई।
अधिकारी ने कहा कि यह पूरा मामला ब्लैकमेल और उगाही की योजना है और वीडियो का दिनेश की मौत से कोई संबंध नहीं है।
अधिकारी ने इस दौरान अपने स्टाफ के साथ हुई बातचीत की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सबूत के रूप में सौंप दी है।
अधिकारी का दावा—परिजन पुलिस को बयान न देकर दबाव बना रहे थे
अपनी शिकायत में अधिकारी ने यह भी लिखा कि—
मृतक की मां ने जानबूझकर पुलिस को बयान नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि “यदि मांगे गए पैसे दे दिए जाएं, तो वे मुझे अपने बयान में क्लीन चिट दे देंगी। न देने की स्थिति में नाम घसीटने और मीडिया में बदनाम करने की धमकी दी गई।
घटना का क्रम—मौत से लेकर आरोपों के उभरने तक
8 नवंबर 2025 युवक दिनेश माकवाना की मृत्यु होती है। स्थानीय मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप्स में खबर चलती है कि युवक ने आत्महत्या की।
इसके बाद परिवार विभागीय उगाही और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाता है।
और बाद में परिवार द्वारा वीडियो पुलिस को सौंपा जाता है।
17 नवंबर 2025 अधिकारी के अनुसार, परिजन उनके स्टाफ को बार-बार फोन कर धमकी देते हैं। रात तक पैसे देने का दबाव बनाया जाता है। पैसे न देने पर वीडियो वायरल करने की चेतावनी दी जाती है।
24 नवंबर 2025 अधिकारी अपने पक्ष में विस्तृत शिकायत दर्ज कराती हैं।
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें जांच में लीं
कनाडिया पुलिस ने—
परिवार द्वारा दिए गए वीडियो, उगाही के आरोप और मृतक के लाइसेंस संबंधी दस्तावेज को केस की जांच में शामिल कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, मामला अत्यंत संवेदनशील हैं। निष्पक्ष जांच की जाएगी।”
