
राजेंद्र पाराशर/ओम प्रकाश कोचर खंडवा। सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट में अब सीमेंट फैक्ट्री लगने जा रही है। इसका एमओयू भी हो गया है। प्लांट से जो राखड़ निकलती है, वह इसी स्थान पर उपयोग में आ जाएगी।
डंपरों से होने वाली सड़क दुर्घटनाएं भी रूकेंगी। ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा बचाने के कारण जो भी कंपनी ठेका ले रही है, वह बहुत कम लागत में सीमेंट बना लेगी। करीब दो लाख मैट्रिक टन सीमेंट हर साल बनने का अनुमान है।
राखड़ इतनी अधिक मात्रा में उत्पादित होती है, कि ऐसी और यूनिट भी लग सकती हैं।
निमाड़ का यह पहला सीमेंट उद्योग होगा, जो मूंदी में लग रहा है। आपको यह भी बता दें कि एक बड़े नेता ने 60 एकड़ जमीन 10 साल पहले सीमेंट फैक्ट्री के लिए खरीदी थी, जो आज भी सीमेंट फैक्ट्री की राह देख रही है।
2 लाख मैट्रिक टन होगा उत्पादन
संत सिंगाजी थर्मल पावर दोंगलिया में आने वाले समय में सीमेंट उत्पादन की एक इकाई लगने का अनुबंध हो गया है, जिससे करीब डेढ़ लाख से 2 लाख मेट्रिक टन तक सीमेंट उत्पादन का अनुमान है।
प्लांट के अंदर ही लगेगी फैक्ट्री
पावर प्लांट के अंदर ही हीडल वर्ग सीमेंट इंडिया लिमिटेड को करीब 7 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने का अनुबंध हो गया है। इस प्लांट में यह पहला अनुबंध है। ज्ञात रहे कोयले से विद्युत उत्पादन के बाद जो राखड़ पाइपों के द्वारा राखड़ बाधं में जाती है। उसे अब प्लांट के अंदर ही पाइपों में से उठाकर सीमेंट उत्पादन होगा।
एक महीने में शुरू होगा काम
करीब डेढ़ वर्ष में प्लांट तैयार होने का अनुमान है। प्लांट के अंदर ही सीमेंट बनेगी। इस इकाई के लगने हेतु भूमि आवंटन हो गया है। मुख्य गेट के बाजू से जाने वाले मार्ग जो प्लांट के अंदर ही है, यहां इकाई का निर्माण होगा। एक महीने में कार्य प्रारंभ होने का अनुमान है।
