दिल्ली डायरी
प्रवेश कुमार मिश्र
संसद शीतकालीन सत्र के आरंभिक दिनों से ही एसआईआर को लेकर चल रहा विरोध अब “संचार साथी” मोबाइल ऐप को लेकर और प्रबल हो गया है. विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि सरकार एक सोची-समझी रणनीति के तहत ऐप के माध्यम से जासूसी कराने के फिराक में हैं जबकि सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस ऐप को लाने के पीछे साफ मकसद है कि आम उपभोक्ताओं को साइबर फ्राड से बचाया जा सके. सरकार ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता यदि चाहे तो इसे अपने फोन अपनी इच्छा से हटा भी सकते हैं. लेकिन सरकारी दलील को नकारते हुए विपक्षी नेताओं ने इस ऐप की तुलना इजरायल के पेगासस जासूसी मामले से करते हुए कहा है कि सरकार संचार साथी के माध्यम से निजता का हनन करना चाहती है.
झारखंड में राजनीतिक उठा-पटक शुरू
इंडिया समूह में बिखराव आरंभ होता दिख रहा है. महाराष्ट्र में जारी अंतर्कलह अभी खत्म भी नहीं हुआ था तभी झारखंड में राजनीतिक उठा-पटक आरंभ होते दिखने लगी है. चर्चा है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने विश्वसनीय वार्ताकारों के माध्यम से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ भाजपा व जेएमएम गठबंधन सरकार बनाने की रणनीति पर विचार विमर्श आरंभ कर दिया है. हालांकि कांग्रेस के कई वरिष्ठ रणनीतिकार डैमेज कंट्रोल के तहत दिल्ली से लेकर रांची तक गठबंधन सरकार बचाने के लिए बहुस्तरीय प्रयास कर रहे हैं. चर्चा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से ही झारखंड की राजनीति में बदलाव की सुगबुगाहट आरंभ हो गई थी.
लालू का नया बंगला बना चर्चा का विषय
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद जहां एक तरफ राजद के अंदर उठा-पटक शुरू है वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी बंगले को बदलने का आदेश राजद के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. लेकिन इन सबके बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का पटना में कथित तौर पर एकड़ों में निर्माणाधीन नया बंगला सुर्खियों में है. दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस बंगले को लेकर खूब चर्चा हो रही है. जहां एक तरफ भाजपा के कई नेता इस बंगले को भ्रष्टाचार की कमाई से जोड़कर लालू परिवार पर निशाना साध रहे हैं वहीं दूसरी ओर राजद के नेता इस विषय पर चुप्पी साधे हुए हैं.
बिहार के बाद पश्चिम बंगाल पर भाजपा की नजर
बिहार विजय के बाद भाजपाई रणनीतिकार पश्चिम बंगाल को साधने की तैयारी में जुट गए हैं. दिल्ली से लेकर कलकत्ता तक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा स्थानीय नेताओं के साथ बैठकों का दौर जारी है. चर्चा है कि भाजपाई रणनीतिकार संघ के विस्तारकों द्वारा दिए जाने वाली रिपोर्ट को आधार बनाकर पश्चिम बंगाल को सांगठनिक तौर पर कई भागों में बांटकर रणनीति बना रहे हैं. दिल्ली से दो दर्जन से ज्यादा वरिष्ठ नेताओं को पश्चिम बंगाल भेजा गया है. बूथ स्तर की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. मतदाताओं तक सीधा संवाद स्थापित करने के लिए बहुस्तरीय रणनीति बनाई जा रही है.
