
बालाघाट। जिले में सक्रिय नक्सलियों को बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा ने चेतावनी दी है। मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी ने कहा कि यदि वे आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उन्हें सुरक्षाबलों की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। बता दें कि, सोमवार और मंगलवार को पुलिस ने जिले के जंगलों से तीन नक्सली डंप बरामद किए। मंगलवार को किरनापुर थाना क्षेत्र के बोदालझोला जंगल से एक डंप मिला। इसमें एल्युमिनियम कंटेनर में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वायरलेस सेट और दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल है।
एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि लगातार सर्चिंग और कार्रवाई के चलते 18 से अधिक नक्सलियों ने जिले और सीमावर्ती राज्यों में आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मार्च 2026 तक सरकार के नक्सली खात्मे के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हाल ही में आत्मसमर्पण करने वालों में छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ निवासी मुन्ना शामिल हैं, जो नक्सली संगठन में तकनीकी गतिविधियों में शामिल था। मुन्ना ने अपनी पत्नी रोनी के साथ आत्मसमर्पण किया। इसके अलावा, दो दिन पहले महाराष्ट्र के गोंदिया में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
इसमें एमएमसी जोन के प्रवक्ता और स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य, 25 लाख रुपए के इनामी अनंत उर्फ विकास नगपुरे और बालाघाट जिले की राशिमेटा निवासी नक्सली संगीता शामिल थीं। संगीता पर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ तीनों राज्यों में 14 लाख रुपए का इनाम घोषित था और वह 2007 से नक्सली संगठन में सक्रिय थी।
एसपी आदित्य मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा-नक्सलियों के पास दो विकल्प हैं। या तो वे आत्मसमर्पण करें या सुरक्षाबलों की कार्रवाई के परिणाम भुगतें। जिले में सर्चिंग लगातार जारी है और किसी को भी कानून की कार्रवाई से बचने का मौका नहीं मिलेगा।
