तिरुवनंतपुरम, 02 दिसंबर (वार्ता) केरल की ‘मित्र 181’ हेल्पलाइन संकट में फंसी महिलाओं और बच्चों के लिए एक अग्रणी मददगार के रूप में उभरी है। इसने 2017 में अपनी शुरुआत के बाद से 5.6 लाख से अधिक फोन कॉल्स को संभाला है और राज्य में चौबीसों घंटे महत्वपूर्ण सहायता दी है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस टोल-फ्री हेल्पलाइन को शुरुआत के बाद से 5,66,412 फोन आए और इनमें से लगभग दो लाख मामलों में सीधा और प्रभावी हस्तक्षेप किया गया।
केेरल में वामदलों की सरकार की में स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने राज्य भर की महिलाओं से 181 हेल्पलाइन नंबर को याद रखने और धमकी, आपात स्थिति या तत्काल सहायता की आवश्यकता वाली स्थितियों का सामना करने पर इसका उपयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, “सरकार और महिला विकास निगम न्याय, गोपनीयता, सुरक्षा और अपने सपनों को फिर से बनाने का अवसर चाहने वालों के साथ मजबूती से खड़े हैं।”
गौरतलब है कि ‘मित्र 181’ चौबीसों घंटे काम करता है और परामर्श, कानूनी सलाह, आपातकालीन बचाव, चिकित्सा सहायता और सुरक्षित आश्रय की जानकारी प्रदान करता है। यह सेवा समय पर और प्रभावी हस्तक्षेप सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, अस्पतालों, एम्बुलेंस नेटवर्क और अन्य आवश्यक एजेंसियों के साथ निकट समन्वय में काम करती है।
जिन लोगों को अक्सर हेल्पलाइन पर निर्भर रहना पड़ता है उनमें किशोर लड़कियाँ, घरेलू हिंसा की शिकार, उत्पीड़न की शिकार और ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य शामिल हैं। इनकी गोपनीयता को बनाए रखा जाता है। हेल्पलाइन को रोजाना औसतन 300 कॉल आती हैं। इसमें आपातकालीन अलर्ट और सूचना अनुरोध दोनों तरह की कॉल शामिल होती हैं।
केरल की ‘मित्र 181’ महिला हेल्पलाइन ने 2017 से अबतक 5.66 लाख कॉल दर्ज किए
