SDRF ने 24 घंटे की मशक्कत के बाद कुएं से निकाला शव

छिंदवाड़ा। देहात थाना क्षेत्र के न्यू बजरंग नगर में रविवार सुबह एक बेहद हृदय विदारक घटना सामने आई, जहां मां की डांट से नाराज़ होकर 14 वर्षीय छात्र सार्थक वानखेड़े ने अपनी मां के सामने ही घर की छत से लगे 80 फीट गहरे कुएं में छलांग लगा दी। 24 घंटे से अधिक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, आज एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत से बच्चे का शव बाहर निकाला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि मृतक अपनी मां का इकलौता बेटा था। जबकि पति की पांच साल पूर्व मौत हो चुकि थी। अब बेटे की मौत के बाद मां अकेली बची है। जो कलेक्ट्रेट में सर्विस करती है।

दरअसल न्यू बजरंग नगर निवासी सार्थक, जो संत आसाराम गुरुकुल में 9वीं कक्षा का छात्र था। रविवार सुबह लगभग 10 बजे छत पर खेल रहा था। टीआई गोविंद राजपूत ने बताया कि जब मां पूनम वानखेड़े ने उसे आवाज देकर नीचे बुलाया, तो नाराज सार्थक छत पर बनी दीवार पर खड़ा हुआ था। इसी दौरान वह घर से लगे कुएं में कूद गया। बेटे की चीख सुनकर मां छत पर दौड़ी और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

भूस्खलन का बना था खतरा

कुएं की 80 फीट गहराई और उसमें 40 फीट तक भरे पानी ने बचाव दल के लिए भारी चुनौती खड़ी कर दी। देर रात तक रेस्क्यू टीम ने लाइट की रोशनी में काम जारी रखा, लेकिन 14 घंटे बाद भी बच्चे का सुराग नहीं मिला। एसडीआरएफ प्रमुख गणेश धुर्वे ने बताया कि पानी को खाली करने के लिए तीन मोटरें लगाई गईं, लेकिन पानी के अच्छे स्रोत के कारण भराव लगातार बढ़ रहा था। इसके अलावा, कुआं कच्चा होने से भूस्खलन का खतरा था, और पानी ठंडा होने के कारण शव भी 24 घंटे तक ऊपर नहीं उतराया। हालांकि सुबह एसडीआरएफ ने लोहे के जाल को हाइड़ा में बांधकर दो जवानों को उसमें नीचे भेजा। उन्होंने बांस की मदद से पानी में बच्चे को फंसा हुआ पाया। इसके बाद उन्होंने पानी के अंदर जाकर मृतक को बाहर निकालने में सफलता हासिल की।

हाइड्रा मशीन ने निकाला शव

सोमवार सुबह 8 बजे, कुएं में पानी का स्तर 5 फीट तक कम होने के बाद, एसडीआरएफ ने भूस्खलन के खतरे से बचने के लिए एहतियातन हाइड्रा मशीन बुलाई। एक विशेष प्लेटफॉर्म के माध्यम से दो जवानों को कुएं में उतारा गया और सार्थक की पेट के बल पड़ी हुई बॉडी का रेस्क्यू किया गया। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चुरी भेजा। मृतक सार्थक अपने दिवंगत पिता के बाद अपनी मां का इकलौता सहारा था। पुलिस घटना के सभी बिंदुओं परजांच कर रही है।

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