
सीधी। सीधी पुलिस का ‘मुस्कान अभियान’ फिर सफल और पिपरांव पुलिस ने महाराष्ट्र के नासिक से लापता नाबालिग को दस्तयाब कर परिवार को सौंपा। सीधी पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव एवं एसडीओपी चुरहट आशुतोष द्विवेदी के मार्गदर्शन में, सीधी पुलिस ने दूरस्थ राज्यों तक अपनी पहुंच और तकनीकी दक्षता का परिचय दिया है। थाना रामपुर नैकिन निरीक्षक सुधांशु तिवारी के नेतृत्व और चौकी प्रभारी पिपरांव, उप निरीक्षक शेषमणि मिश्रा की टीम ने एक महत्वपूर्ण सफलता अर्जित करते हुए, महाराष्ट्र के नासिक से एक लापता नाबालिग किशोरी को सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया है। पुलिस के अनुसार
दिनांक 11 नवंबर 2025 को चौकी पिपरांव में एक परिजन की रिपोर्ट पर एक नाबालिग बच्ची के गुम हो जाने का मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के तहत दर्ज किया गया था। चूंकि मामला एक नाबालिग से जुड़ा था, पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए, ‘मुस्कान अभियान’ के तहत तत्काल बच्ची की पता-तलाश शुरू कर दी।गुमशुदगी के बाद पुलिस टीम ने लगातार मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। इस तकनीकी जांच के आधार पर, यह महत्त्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई कि किशोरी मध्य प्रदेश से मीलों दूर महाराष्ट्र राज्य के नासिक में है।सूचना की सटीकता सुनिश्चित होते ही, चौकी पिपरांव पुलिस ने उप निरीक्षक शेषमणि मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया और तत्काल किशोरी के पता-तलाश हेतु महाराष्ट्र के लिए रवाना हुई। पुलिस टीम ने अथक प्रयास करते हुए नासिक से किशोरी को सकुशल दस्तयाब किया और उसे वापस सीधी लाया गया। थाना/चौकी पर सभी वैधानिक और दस्तावेजी कार्यवाही पूरी करने के उपरांत, किशोरी को उसके भावुक और कृतज्ञ परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।इस सुदूर दस्तयाबी अभियान में चौकी प्रभारी पिपरांव उप निरीक्षक शेषमणि मिश्रा के साथ आरक्षक सचिन कुमार, आरक्षक महेंद्र तिवारी एवं आरक्षक कृष्ण मुरारी द्विवेदी का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय रहा।
इनका कहना है-
इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने कहा सीधी पुलिस की यह टीम वर्क और तकनीकी दक्षता का परिणाम है। ‘मुस्कान अभियान’ हमारी प्राथमिकता है और हर बच्चे की सकुशल घर वापसी हमारे कर्तव्य के प्रति हमारे समर्पण को सिद्ध करती है। नासिक जैसे दूरस्थ स्थान से बच्ची की दस्तयाबी इस बात का प्रमाण है कि सीधी पुलिस के लिए कोई भी दूरी बाधा नहीं है। हम परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान को ही अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं।
संतोष कोरी , पुलिस अधीक्षक सीधी
