नयी दिल्ली, 08 दिसंबर, 2025: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर शांति समझौते के बाद एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। ताजा विवाद सोमवार को थाईलैंड द्वारा कंबोडिया के सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करने के बाद उत्पन्न हुआ। यह तनाव तब बढ़ा जब एक थाई सैनिक बारूदी सुरंग में घायल हो गया। थाईलैंड ने कंबोडिया पर नई बारूदी सुरंगे बिछाने और सीमा पर हथियार जमा करने का आरोप लगाया है, जबकि कंबोडिया ने इन आरोपों को नकारा है।
दोनों देशों की सैन्य शक्ति की तुलना में थाईलैंड का पलड़ा भारी है। थाईलैंड का रक्षा बजट (करीब $5.7 अरब) कंबोडिया (करीब $1.3 अरब) से काफी अधिक है। थाईलैंड के पास 3.6 लाख सक्रिय सैनिक, 400 टैंक और 2600 आर्टिलरी गन हैं। वहीं, कंबोडिया के पास 1.24 लाख सक्रिय सैनिक हैं। वायुसेना में भी थाईलैंड दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे शक्तिशाली वायुसेनाओं में से एक है।
दोनों देशों के बीच विवाद की जड़ में दो प्राचीन शिव मंदिर हैं, जिनके आसपास की जमीन पर दोनों देश अपना दावा करते हैं। थाईलैंड की सैन्य श्रेष्ठता के साथ-साथ उसे अमेरिका का समर्थन भी प्राप्त है, जो उसे एक नॉन-NATO सहयोगी के रूप में पहचानता है। इस अमेरिकी समर्थन के कारण थाईलैंड कंबोडिया की सेना से लंबे समय तक मुकाबला कर सकता है।

