भोपाल: गौहर महल में रविवार की मानो पूरा परिसर रंग, शिल्प और रचनात्मकता से जीवंत हो गया हो। विशाल दरबार हॉल और गलियारों में सजे स्टॉल एक-एक कर प्रदेश की अनोखी कला परंपरा की कहानी कह रहे थे। पांच दिन चलने वाले इस हस्तशिल्प सप्ताह की शुरुआत होते ही कारीगरों की ऊर्जा और उनके हुनर ने वहां पहुंचने वाले हर व्यक्ति का ध्यान खींच लिया।
मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों से 50 से ज्यादा कारीगर अपनी रचनाओं को लेकर आए हुए है। गोंड पेंटिंग का चमकता अहसास, लकड़ी के खिलौनों की पारंपरिक खुशबू, बैतूल और टीकमगढ़ की बेल मेटल कला की दमक और भोपाल की जरी जरदोजी की बारीकियों की कलाकारी लोगों का मन मोह रही है। प्रदर्शनी में आने वाले लोग लौटते हुए किसी स्टॉल से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का एक नमूना जरूर लेकर जाते हुए दिखे।
ब्रास म्यूजिशियन सेट की खास चमक
स्टार्टअप कोलार डायनेमिक्स का स्टॉल सबसे ज्यादा भीड़ खींचता हुआ दिखा। यहां रखे ब्रास म्यूजिशियन सेट ने सचमुच सबको ठहरने और देखने पर मजबूर कर दिया। करीब 20 इंच चौड़े इस सेट में चार कलाकारों की पीतल से बनी बेहद आकर्षक मूर्तियां रखी गई हैं। जिसमें दो पुरुष और दो महिला संगीतकारों की आकृतियां शहनाई और तबले की सुरलहरियों जैसी लय में गढ़ती हुई दिख रही हैं। कारीगरों से बात करने पर पता चला कि यह डिजाइन ग्वालियर घराने की संगीत परंपरा से प्रेरित है। हर मूर्ति की मुद्रा और भाव इतना सटीक है कि मानो वे अभी किसी राग की शुरुआत करने वाले हों।
