इंदौर: रविवार दोपहर तेजाजी नगर बायपास पर एक दर्दनाक हादसे में 16 वर्षीय छात्र की गर्दन पर पतंग के मांझे से गहरा घाव लगने के कारण मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस ने मांझे के स्रोत और हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है.तेज गति से गुजरते वाहनों के बीच रविवार को तेजाजी नगर बायपास पर एक किशोर की जिंदगी एक लापरवाह मांझे ने छीन ली. मृतक की पहचान ओमेक्स सिटी में रहने वाले 16 वर्षीय गुलशन पुत्र रामकिशन के रूप में हुई है.
वह अपने भाई अरुण और दोस्तों विशाल व कृष्णा के साथ बाइक से रालामंडल घूमकर लौट रहा था. इसी दौरान अचानक सड़क पर लटकती पतंग की डोर उसकी गर्दन पर आ लगी. तेज धार वाले मांझे ने गहरा घाव कर दिया, जिससे वह तुरंत घायल होकर गिर पड़ा. घटना के बाद साथियों ने तुरंत मदद की और पास से गुजर रहे एक कार सवार परिवार ने भी बच्चे को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया.
तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम ने बताया कि गुलशन की हालत गंभीर थी, निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने गंभीर चोट देखते हुए इलाज से इनकार किया, जिसके बाद वही परिवार उसे एमवाय अस्पताल लेकर गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं एसीपी राजेश बिलवाल ने बताया कि प्राथमिक जांच में चाइनीज मांझा होने की स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई . मांझे के प्रकार और उसकी सप्लाई को लेकर पुलिस अलग से जांच कर रही है. मौके पर मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जा रहे हैं.
मृतक के भाई अरुण ने पुलिस को बताया कि बाइक चलते वक्त अचानक मांझा सामने आ गया. हमने डोर पकड़ने की कोशिश की, हमारे हाथों में भी चोट आई, उसने कहा. परिवार मूल रूप से अशोक नगर के ठीकरी क्षेत्र का रहने वाला है. पिता रामकिशन मजदूरी करते हैं. गुलशन आठवीं कक्षा का छात्र था और पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की मदद के लिए छोटा-मोटा काम भी करता था. हादसे के बाद इलाके में फिर एक बार चाइनीज मांझे पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत को लेकर सवाल उठने लगे हैं, पुलिस जांच जारी है.
