सीहोर। शहर में सर्वाधिक समस्या वाहनों की अवैध पार्किंग है. इससे स्टेट हाईवे के मार्ग भी अछूते नहीं बचे हैं. आलम यह है कि शहर के मध्य से गुजरने वाले भोपाल- इंदौर राजमार्ग के बस स्टैंड और गंगा आश्रम में रोजाना कई बार जाम के हालात बनते हैं. इनमें एंबुलेंस भी फंसती हैं और मरीजों की जान पर बन आती है.
नगर के सोया चौपाल से हाउसिंग बोर्ड तक आठ किमी मार्ग में पुराने स्टेट हाइवे का पीडब्ल्यूडी ने फोरलेन में निर्माण कराया है. शहर के मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण इस उद्देश्य से कराया गया है कि यहां पर ट्रैफिक दबाव अधिक रहता है. सड़क चौड़ी होने के बाद जाम की समस्या नहीं होगी, लेकिन सड़क बनने के बाद भी गंगा आश्रम पर रोज ट्रैफिक जाम के हालात बन रहे हैं, क्योंकि पुराने स्टेट हाइवे किनारे स्थित अस्पताल, निजी क्लिनिकों, बैंक और शोरूम के पास पार्किंग की सुविधा नहीं होने से नदी चौराहे से लेकर जनसंपर्क कार्यालय के दोनों तरफ दो और चार पहिया वाहन अवैध रूप से पार्क कर दिए जाते हैं, जिससे हाइवे से निकलने वाली बस सहित अन्य बड़े वाहनों को निकलने की जगह नहीं बचती है. यही कारण है कि दिन भर में कई बार जाम के हालात बनते हैं.
टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग के हिसाब से शोरूम, कांप्लेक्स और अस्पताल भवन निर्माण के दौरान बेसमेंट पार्किंग के लिए आरक्षित किया जाता है. शोरूम, काम्प्लेक्स, अस्पताल भवन में ऑन रिकार्ड बेसमेंट की पार्किंग दिखाया गया है, लेकिन किसी में भी पार्किंग नहीं है. बहुमंजिला इमारतों के बेसमेंट में दुकानें खुल गई हैं. इन दुकानों से जमकर किराया वसूला जा रहा है और वाहन सड़क पर नो पार्किंग में खड़े किए जा रहे हैं. इससे एक लापरवाही नगरीय निकाय की भी है.वह चाहे तो बेसमेंट में स्थित दुकानों को बंद करा सकती है, लेकिन नपा इस तरफ ध्यान नहीं दे रही है, जिसके कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था खराब हो रही है.
सड़क की चौड़ाई दोगुनी, फिर भी लगता जाम
शहर के मध्य से गुजरने वाले हाईवे पर पहले यह सड़क सात मीटर की थी. फोनलेन बनने के कारण डिवाइडर के दोनों तरफ सात-सात मीटर हो गई है. सड़क की चौड़ाई पहले की अपेक्षा करीब-करीब दोगुनी हो गई है, लेकिन ट्रैफिक जाम की समस्या पहले की तरह ही बनी हुई है. जनसंपर्क कार्यालय से लेकर नदी चौराहे तक खुले दर्जनों क्लनिकों और नर्सिंग होम पर पहुंचने वाले मरीजों के परिजन व बैंकों में पहुंचने वाले उपभोक्ता पार्किंग की कहीं व्यवस्था नहीं होने के कारण पुराने हाइवे पर ही दो व चार पहिया वाहन पार्क कर देते हैं. जिससे दिन में कई बार जाम के हालात बनते हैंं और राहगीर देर तक जाम में फंसे रहते हैं.
मेन रोड के इन स्थानों पर दिन भर फंसते वाहन
जिला अस्पताल सहित शिशु एवं गहन चिकित्सा इकाई के सामने सड़क की दोनों तरफ वाहनों की पार्किंग होने से जाम की स्थिति बनती हैं. यहां पल-पल आने वाली जननी व एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है. ट्रामा सेंटर भवन से लेकर जनसंपर्क कार्यालय तक गंगा आश्रम पर हर समय ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है. इस क्षेत्र में सड़क किनारे डाक्टर्स के क्लीनिक, मेडिकल ज्यादा हैं. पोस्ट आफिस से लेकर बस स्टैंड तक मेन रोड पर बार-बार ट्रैफिक जाम होता है। इस क्षेत्र में तीन बैंक और कुछ काम्प्लेक्स बने हैं. भोपाल नाके पर आवासीय खेलकूद संस्था के सामने चौराहे पर भी ट्रैफिक जाम होता है. यहां पर चारों तरफ कुछ होटल हैं, जिसकी वजह से वाहनों को आवाजाही में दिक्कत होती है. -इंदौर नाके पर पेट्रोल पंप के पास हर समय ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां पर सड़क किनारे लाइन में मैकेनिकों की दुकान हैं. मैकेनिक सड़क पर ही खड़े करते हुए वाहनों की मरम्मत करते हैं.
शीघ्र अभियान चलाकर करेंगे सख्त कार्रवाई
नदी चौराहे से लेकर बस स्टैंड तक संचालित क्लिनिक व काम्प्लेक्स में पार्किंग सुविधा नहीं होने के चलते नपा ने 15 संचालकों को नोटिस जारी कर पार्किग सुविधा कराने का अल्टीमेटम दिया था. यदि वे पार्किंग की व्यवस्था नहीं करते हैं और वाहन सड़क पर खड़े पाए जाते हैं तो मोटर व्हीकल एक्ट में कार्रवाई की जाएगी. हमारे द्वारा शीघ्र ही अभियान चलाया जाएगा और जिन कॉम्प्लेक्स अथवा प्रतिष्ठानों के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है. उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
सुधीर कुमार, मुख्य नगरपालिका अधिकारी सीहोर
