उपभोक्ता फोरम का बड़ा फैसला

ग्वालियर। ग्वालियर जिला उपभोक्ता फोरम ने बिजली कंपनी की लापरवाही को ‘सेवा में कमी’ मानते हुए मार्च से सितंबर 2022 तक जारी सभी अनुमानित बिजली बिलों को रद्द करने का आदेश दिया है। साथ ही उपभोक्ता को हुई मानसिक पीड़ा के लिए 1,500 और मुकदमे का खर्च 1,000 देने का निर्देश दिया गया है।

यह मामला सुमन दुबे के घर से जुड़ा है। वर्ष 2014 में हाई-वोल्टेज की वजह से उनका बिजली मीटर खराब हो गया था। उपभोक्ता ने 15 सितंबर 2014 को मीटर बदलने के लिए आवेदन दिया, लेकिन बिजली कंपनी ने मीटर को 6 दिसंबर 2019 को बदला। इसके बाद भी उपभोक्ता को वर्षों तक अनुमानित और गलत बिल भेजे जाते रहे।

वर्ष 2022 में तो कंपनी ने 30,067 से 32,072 यूनिट की अत्यधिक खपत बताते हुए 3,01,139 तक का भारी-भरकम बिल थमा दिया। उपभोक्ता द्वारा बार-बार शिकायत करने के बावजूद कंपनी ने सुधार नहीं किया, जिसके चलते उन्हें फोरम का रुख करना पड़ा।

फोरम ने बिजली कंपनी की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि कंपनी यह साबित नहीं कर सकी कि मीटर कब खराब हुआ, कब तक बंद रहा और अनुमानित बिल किस आधार पर जारी किए गए। आदेश के अनुसार दो साल (22 नवंबर 2020 से सितंबर 2022) के सभी अनुमानित बिल रद्द कर दिए गए। सितंबर 2022 की वास्तविक मीटर रीडिंग 32,072 यूनिट के आधार पर पूरी अवधि का संशोधित बिल तैयारकरने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही उपभोक्ता द्वारा पहले से जमा की गई सभी राशि नए बिल में समायोजित करने को कहा गया।

कंपनी ने कहा कि उपभोक्ता खराब मीटर का कोई पुख्ता सबूत नहीं दे सका और 2019 में मीटर बदलने के बाद 2022 में वास्तविक रीडिंग के आधार पर बिल जारी हुआ था, लेकिन आयोग ने माना कि कंपनी यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि मीटर के खराब होने और अनुमानित बिल जारी करने की प्रक्रिया में कौन-सी गणना अपनाई गई थी।

Next Post

भजन किटी में राम विवाह का आयोजन किया

Sun Nov 30 , 2025
ग्वालियर। भजन किटी में राम विवाह का आयोजन समाधिया कॉलोनी में श्रीमती पूनम कुशवाह के घर आयोजित किया गया जिसमें राम विवाह के आयोजन की होस्ट पूनम कुशवाह और अनुराधा गुप्ता रही। राम विवाह में गायक कलाकार हीरा अग्रवाल द्वारा मनमोहक प्रस्तुति दी गई। राम विवाह की गणेश वंदना से […]

You May Like