
इंदौर. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में देश का अगला बड़ा केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि इंदौर सहित प्रदेश के कई शहर टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस इंडस्ट्री के नए हब के रूप में विकसित किए जा रहे हैं. कॉन्क्लेव में 15,896 करोड़ रुपए का जहां निवेश प्रस्तावित हुआ है, वहीं इससे लगभग 64 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब टेक्नोलॉजी, रक्षा उत्पादन और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में देश का अगला बड़ा गंतव्य बनने जा रहा है. उन्होंने कहा कि इंदौर सहित प्रदेश के कई शहर अब नवाचार और मैन्युफैक्चरिंग के नए केंद्र बन रहे हैं, जहां उद्योग और निवेश की नई संभावनाएं लगातार खुल रही हैं. मुख्यमंत्री गुरुवार को ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में शामिल हुए.
वन टू वन चर्चा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन चर्चा की और निवेश के नए रास्तों पर संवाद किया.
सेना के साथ एमओयू
उन्होंने कहा कि यह कॉन्क्लेव सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि “मध्यप्रदेश के भविष्य की विकास यात्रा का घोषणा पत्र” है. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने टेक्नोलॉजी आधारित विकास को नई दिशा दी है. रक्षा क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए प्रदेश ने सेना के साथ एमओयू किया है. उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल और खजराना गणेश की कृपा से यह आयोजन सफल हो रहा है और यह मध्यप्रदेश की प्रगति की नई शुरुआत है.
कई अहम घोषणाएं….
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर अब केवल व्यापार की राजधानी नहीं, बल्कि तकनीकी और नवाचार का केंद्र बन रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि इंदौर अब बैंगलुरु की तरह अपने पंख फैलाकर आगे बढ़ रहा है. साथ ही भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर भी इस टेक्नोलॉजी मूवमेंट के प्रमुख शहर बनेंगे. उन्होंने बताया कि उज्जैन को इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में शामिल कर फिनटेक टेक्नोलॉजी और साइंस सिटी की योजना पर काम चल रहा है. उज्जैन की प्राचीन वेधशाला को आधुनिक स्पेस टेक्नोलॉजी से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र अंतरिक्ष अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बन सके.
मसौदा जारी
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी नीति 2025 का मसौदा भी जारी किया. जिसका उद्देश्य उज्जैन को देश के उभरते स्पेस इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करना है.
नीति उपग्रह डिजाइन, लॉन्चिंग सर्विस और सुदूर संवेदन में निजी भागीदारी को प्रोत्साहन देंगे
डॉ. यादव ने कहा कि टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के इस दूसरे संस्करण ने नई ऊंचाइयां तय की हैं. इस आयोजन में 65 से अधिक गतिविधियों के माध्यम से 15,896 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित हुआ है, जिससे करीब 64 हजार रोजगार के अवसर बनेंगे.
नई इकाइयों का शुभारंभ
कार्यक्रम में नई औद्योगिक इकाइयों का शुभारंभ, परियोजनाओं का भूमिपूजन और एमओयू हस्ताक्षर भी हुए. इंदौर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) की नई इकाइयां शुरू हो चुकी हैं, जो आईटी, फिनटेक और मेडिकल टेक्नोलॉजी में बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित कर रही हैं. साथ ही ड्रोन टेक्नोलॉजी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर भी तेजी से काम चल रहा है, जो रिसर्च, डिजाइन और उद्योग-अकादमिक सहयोग को नया आयाम देगा.
