64 वर्गफिट का पोस्टमार्टम कक्ष, दो शव आ जाएं तो रखने के लिए जगह नही

बहादुरपुर: कस्बे में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र है। जहां मृतकों के पोस्टमार्टम की सुविधा भी है लेकिन पोस्टमार्टम कक्ष इतने छोटे आकार का है कि यदि किसी घटना में दो लोगों की मौत हो जाए तो कक्ष में दो शव रखने की गुंजाइश नहीं है। इसका आकार कुल 64 वर्गफिट का है। जिसमें शव को रखने के लिए एक प्लेटफार्म बना हुआ है। इस प्लेटफार्म के बाद केवल दो लोगों के खड़े होने लायक जगह कक्ष के अंदर बचती है। ऐसे में यदि कभी पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराना पड़े तो शव को सिविल अस्पताल मुंगावली भेजना होता है।

गंदगी के बीच बना है पोस्टमार्टम कक्षः प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का पोस्टमार्टम कक्ष परिसर के एक कोने में गंदगी के बीच बना हुआ है। जहां नाली बहती है, झाड़ खड़े हैं और केंद्र का कचरा भी यहीं डाला जाता है। पास में ही प्रसव वार्ड का जैविक अपशिष्ट फेंक दिया जाता है, जिसके कारण वहां कुत्ते घूमते रहते हैं।
ताला लगाकर चली जाती है पुलिस, परिजन करते हैं सुरक्षाः
जब की दुर्घटना के बाद शव को शाम या रात के समय केंद्र पर लाया जाए तो पुलिस उस शव को पोस्टमार्टम कक्ष में रखवा कर कक्ष का ताला लगाकर चली जाती है। ऐसे में परिजनों को रात भर जागकर शव की सुरक्षा करनी पड़ती है।
शव गृह
129 साल से पोस्टमार्टम की व्यवस्था, 29 वर्षों से नहीं हुआ कोई सुधारः
रियासतकालीन रिकॉर्ड के मुताबिक सन 1896 में कस्बे में सिविल अस्पताल बनाई गई थी। तब से ही यहां चिकित्सक, प्रसव व पोस्टमार्टम की व्यवस्था है। पहले अस्पताल का भवन रियासतकालीन था। 1977 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अस्पताल का नया भवन बना। जिसका सबसे नया पोस्टमार्टम रूप्म भी सन 1996 में बनाया गया था। इसका क्षेत्रफल महज 64 वर्गफीट है। आसपास कचरे के ढेर व नालियों का पानी भरा रहता है। कई बार स्थानीय नागरिकों ने मर्चुरी भवन की मांग की
लेकिन इसे अब तक मंजूरी नहीं मिली। जिले में एकमात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, जहां पोस्टमार्टम होते हैं।
इनका कहना है
मेरे पास जब 2020 में खंड चिकित्सा अधिकारी का प्रभार आया था, तब मैंने बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर पोस्टमार्टम के लिए एक बड़े भवन का प्रस्ताव भेजा था। जो स्वीकृत नहीं हुआ। अब दोबारा से प्रस्ताव भेजते हैं, उसे प्राथमिकता से स्वीकृत कराएंगे।
डॉ दिनेश त्रिपाठी,
खंड चिकित्सा अधिकारी, मुंगावली

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