
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 1 से 5 दिसंबर तक प्रस्तावित है, जिसमें केवल चार बैठकें तय की गई हैं। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की है।
सिंघार का कहना है कि महज चार बैठकों में विधायकों को सवाल पूछने और जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का “मंदिर” है, जहां जनता की आवाज गूंजनी चाहिए, न कि उसे सीमित किया जाए। वहीं बीजेपी ने कांग्रेस की मांग पर तंज कसते हुए कहा कि अधिसूचना जारी होने के बाद कांग्रेस को समय बढ़ाने की याद आई है।
सचिवालय के अनुसार सत्र भले ही पांच दिनों का हो, लेकिन वास्तविक कार्यवाही सिर्फ तीन दिनों की होगी। पहले दिन परंपरा अनुसार श्रद्धांजलि के बाद कार्यवाही स्थगित हो जाती है, जबकि 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी के चलते अवकाश रहेगा।
उधर, कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक 30 नवंबर को शाम 7:30 बजे लेक व्यू अशोक में बुलाई गई है। इसमें विपक्ष सत्र के दौरान सरकार को कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध, लैंड पूलिंग एक्ट और अन्य प्रमुख मुद्दों पर घेरने की रणनीति को अंतिम रूप देगा।
