ऑप्टिमस की ड्रोन-आधारित स्पेक्ट्रम विश्लेषक समाधान के लिए जर्मनी की कंपनी से साझेदारी

नयी दिल्ली, (वार्ता) देश में ऑप्टिमस इंफ्राकॉम लिमिटेड प्रमुख दूरसंचार और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण समूह की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ऑप्टिमस अनमैन्ड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड (ओयूएस)जर्मनी के एलएस स्पेक्ट्रम सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ अपनी साझेदारी की घोषणा की।

इस रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से, शुरुआत में एलएस स्पेक्ट्रम के लिए ऑप्टिमस उन्नत स्पेक्ट्रम विश्लेषक ड्रोन बेचेगी। एलएस स्पेक्ट्रम सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड उन्नत ड्रोन-आधारित स्पेक्ट्रम विश्लेषकों के अग्रणी प्रदाता और जर्मनी स्थित एलएस टेलीकॉम की एक सहायक कंपनी है, जो भारतीय बाजार में एलएस स्पेक्ट्रम के अत्याधुनिक ड्रोन-आधारित स्पेक्ट्रम विश्लेषण समाधानों के विपणन, संयोजन और वितरण के कारोबार में है।

दोनों पक्षों की ओर से जारी एक साझा विज्ञप्ति के अनुसारअपने ड्रोन व्यवसाय और ‘मेक इन इंडिया’ को और गति देते हुए,एलएस स्पेक्ट्रम के साथ ऑप्टिमस की साझेदारी कंपनी को बाजार में एक महत्वपूर्ण बढ़त प्रदान करेगी। विज्ञप्ति के अनुसार इस साझेदारी में ड्रोन आधारित समाधानों से आगे बढ़कर स्पेक्ट्रम निगरानी, ​​दिशा खोज और भौगोलिक स्थान, इलेक्ट्रॉनिक सहायता उपाय, सिग्नल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक काउंटर उपाय जैसी विभिन्न क्षमताओं के माध्यम से स्पेक्ट्रम के प्रबंधन, अवलोकन और रक्षा के लिए बाजार में प्रवेश करने की क्षमता है।

टिमस इंफ्राकॉम के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा, “हम ओयूएस द्वारा पेश किए जा रहे अपने उत्पादों और सेवाओं के पोर्टफोलियो का विस्तार करने के लिए उत्साहित हैं। यह साझेदारी बाजार में एक बेजोड़ पेशकश करेगी और हम अपने प्रस्ताव को मजबूत करने के लिए भविष्य में एलएस स्पेक्ट्रम सॉल्यूशंस के अन्य उत्पादों में और विविधता लाने की भी संभावना तलाशेंगे।’

एलएस स्पेक्ट्रम सॉल्यूशंस के निदेशक प्रसाद केरकर ने कहा, “इस एमओयू के ज़रिए हम देश में परिष्कृत, अपनी तरह के अनूठे ड्रोन-आधारित स्पेक्ट्रम समाधान पेश करके भारत के बढ़ते प्रौद्योगिकी परिदृश्य में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं। हमारा लक्ष्य भारत भर में इन अभिनव उत्पादों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उन्हें अपनाना है और हम ऑप्टिमस के साथ मिलकर काम करेंगे।” श्री केरकर ने कहा, “इस साझेदारी के ज़रिए हम भारत की जेलों से होने वाले अवैध संचार जैसे अनधिकृत सेलुलर गतिविधि के मुद्दे को हल करने के लिए समाधान विकसित करने पर भी विचार करेंगे।’

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