ग्वालियर: जिले के विभिन्न एनआरसी में कुछ बैड खाली होने की स्थिति सामने आने पर कलेक्टर रुचिका चौहान ने नाराजगी जताई है। उन्होंने इस लापरवाही पर संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) की वेतन वृद्धियां रोकने के लिये कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सुनिश्चित करें कि जिले के सभी एनआरसी में कोई भी बैड खाली न रहे।
ज्ञात हो जिले के अंतर्गत ठाठीपुर डबरा भितरवार, मोहना व बरई में एनआरसी संचालित हैं। बैठक में बताया गया कि जिले में अति कम वजन के 331 बच्चे जनप्रतिनिधिगणों एवं सेवाभावी नागरिकों ने गोद लिए हैं। इस अभियान के माध्यम से जिले के सैंकड़ों बच्चे अब पूर्णत: सुपोषित हो चुके हैं। कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सोजान सिंह रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्रीमती उपासना राय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हरिओम चतुर्वेदी एवं जिले की विभिन्न परियोजनाओं के बाल विकास परियोजना अधिकारी मौजूद थे।
हर महिला व बच्चे की बनवाएं आभा आईडी
कलेक्टर रुचिका चौहान ने बैठक में निर्देश दिए कि हर गाँव में जितनी समग्र आईडी बनी हैं, उन सभी की आभा आईडी बनवाएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका एवं एएनएम के सहयोग से यह काम प्रमुखता से कराया जाए। उन्होंने कहा आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज बच्चों सहित जन्म से पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों की आईडी बनवाई जाएं। ज्ञात हो आभा आईडी में व्यक्ति के स्वास्थ्य के बारे में पूरी जानकारी रहती है, जिससे अस्पताल में स्वास्थ्य जांच के समय चिकित्सक को आभा आईडी से पूरी जानकारी मिल जाती है।
