
नई दिल्ली, 28 नवंबर, 2025: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा (संभावित 5-6 दिसंबर) के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में रोजगार, एस-400 राडार सिस्टम और लड़ाकू विमानों को लेकर तीन बड़े समझौतों पर सबकी निगाहें टिकी हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत, अमेरिका के टैरिफ से बचने के लिए रूस से तेल की खरीद कम कर रहा है, जो दोनों देशों के साथ भारत के संतुलित रिश्तों को दर्शाता है।
S-400 और 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की डील
दूसरा महत्वपूर्ण करार अत्याधुनिक एस-400 राडार सिस्टम की खरीद से जुड़ा है। भारत पहले से मिले तीन सिस्टम के अलावा पांच और एस-400 सिस्टम खरीदने का इच्छुक है। तीसरा रणनीतिक करार 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के सह-उत्पादन (Co-Production) का है। भारतीय वायुसेना को तत्काल 114 लड़ाकू विमानों की जरूरत है, जिसके लिए सुखोई-57 को भारत में सह-उत्पादन की शर्त पर खरीदने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है।
भारतीय श्रमिकों के लिए रोजगार के बड़े अवसर
इन रक्षा समझौतों के अलावा, शिखर सम्मेलन के दौरान लेबर मोबिलिटी करार पर भी मुहर लगने की संभावना है। रूस पहले ही ऐलान कर चुका है कि वह अपने औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 10 लाख भारतीय कुशल श्रमिकों की भर्ती करेगा। यह समझौता श्रमिकों की आवाजाही, उनकी सुरक्षा और आव्रजन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल करेगा, जिससे भारतीय श्रमिकों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
