
जबलपुर। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के कार्यपालन यंत्री शरद कुमार सिंह और वरिष्ठ लेखा लिपिक विकास पटैल को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
मामला तब सामने आया जब दमोह निवासी ठेकेदार रोहित बरौलिया ने सिहोरा ब्लॉक में हैंडपंप मेंटेनेंस का काम पूरा कर बिल प्रस्तुत किया। करीब 2.47 लाख रुपये के इस बिल को पास करने के लिए कार्यपालन यंत्री ने 10 प्रतिशत यानी लगभग 24 हजार रुपये की मांग कर दी। ठेकेदार ने तुरंत इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू से की।
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ईओडब्ल्यू की टीम ने पहले सत्यापन किया और बुधवार को ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई। जैसे ही ठेकेदार ने रिश्वत की राशि वरिष्ठ लिपिक को सौंपी, डीएसपी स्वर्ण सिंह धामी के नेतृत्व में टीम ने दोनों अधिकारियों को रंगेहाथ पकड़ लिया।
ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई विभाग के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने वाला बड़ा संदेश है और भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
