टीकमगढ़: मैं गरीबी में रहकर इस मुकाम तक पहुंचा हूं, आज मेरी आंखों में खुशी के आंसू हैं। मैंने कभी भी सपने में नहीं सोचा था कि मेरी बेटी प्रतिभा के विवाह में प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित संगठन एवं केन्द्रीय मंत्री पहुंचेगे। कभी भी यह नहीं सोचा था कि बेटी का विवाह इतनी धूमधाम से कर पाऊंगा। पर आज पता चला कि बेटियों के भाग्य के आगे सब संभव है। यह बात जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने नवभारत से चर्चा के दौरान कही।
दरअसल बीते दिन सोमवार को भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक की पुत्री प्रतिभा का विवाह समारोह झांसी रोड़ स्थित एक निजी रिसोर्ट में संपन्न हुआ। जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, पूर्व मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा संगठन से हितानंद शर्मा सहित तमाम मंत्रियों एवं विधायकों का जमावड़ा लगा। जहां हर किसी ने हरिशंकर खटीक की पुत्री को उनके विवाह की शुभकामनाएं दी।
विवाह समारोह के एक दिन बाद विधायक हरिशंकर खटीक ने कहा कि मैंने जो सोचा भी नहीं था वह बेटी के भाग्य ने कर दिखाया। मैं गरीबी में रहा मेहनत की और इस मुकाम तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि 12 चुनाव जीते। पलेरा क्षेत्र में ऐसा कभी नहीं हुआ कि मेरे परिवार से कोई जनप्रतिनिधि निकलकर सामने न आया हो। उन्होंने आगे यह भी कहा कि एक बार महज 200 कुछ मतों से हार का सामना किया और विधायक नहीं बन पाए, लेकिन अगली बार जनता ने मुझ पर भरोसा जताया और मैं फिर उनकी सेवा के लिए खड़ा हुआ विजयी हासिल की।
इतना ही नहीं आज जो कुछ भी हों अपने परिवार समाज जनता की दम पर हूं। मैं तो यही कहूंगा कि बेटी की शादी की विदाई के पूरे दृश्य को आंखों में देखकर खुशी के आंसू छलक आए। उम्मीद नहीं थी कि प्रतिभा के विवाह को इतना सुन्दर बना पाऊंगा, ईश्वर ने मुझे अपने औकात से भी ज्यादा दिया है। बस ईमानदारी और मेहनत ने इस सफलता तक पहुंचाया। अंत में उन्होंने कहा कि मैं अपने सभी परिवार सहित साथियों एवं पधारे अतिथियों का दिल से धन्यवाद देता हूं। मैं अपने क्षेत्र के लोगों से भी यह कहना चाहता हूं कि वह अपना प्यार मुझ गरीब पर ऐसे ही बनाए रहें।
मेरा पूरा परिवार सिर्फ चुनाव सेवा के लिए लड़ता है
भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक ने यह भी कहा कि मेरा पूरा परिवार चुनाव कोई राजनीति एवं व्यापार के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए लड़ता है। शायद इसीलिए लोग हमें अपने परिवार का सदस्य मानकर आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं। मैं अपने परिवार के लोगों से हमेशा इस बात पर झगड़ता हूं कि जनता की सेवा में कोई कमी न हो जाए। मैं किसी भी गरीब को परेशानी में देखकर खुद की परेशानी समझकर उसका निराकरण कराता हूं।
