जबलपुर: मनमोहन नगर अस्पताल परिसर में खुले सैप्टिक टैंक में गिरकर बुझे एक ही घर के दो चिरागों की दर्दनाक घटना के बाद भी जिम्मेदार नहीं चेत रहे हैं। नतीजा… शहर के हृदय स्थल सिविक सेंटर में स्थित दवा बाजार के पास कई चैंबर खुले पड़े हुए हैं। स्थानीय दुकानदानों ने नाम न छापने की शर्त पर नवभारत से कहा कि इन खुले चैंबर्स की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें अभी तक न जाने कितने आवा कुत्तों के पिल्ले समा चुके हैं, इतना ही नहीं कुछ गायें भी इन चैंबर्स में फंस चुकीं हैं।
सिविक सेंटर स्थित दवा बाजार के पास जिस तरीके से चैंबर्स को खुला छोड़ा गया है उससे तो साफ है कि जिम्मेदार इन चैंबर्स की वजह से घटित होनी वाली बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार पार्षद के नेतृत्व में वार्ड सुपरवाईजर का काम होता है कि खुले चैंबरों को ढांका जाए। जबकि वार्ड पार्षद को जनता इसलिए चुनती है ताकि उसके वार्ड में सड़क, पानी, बिजली एवं सफाई की उत्तम व्यवस्था बनी रहे और दुर्घटनाओं को न्यौता देने वाले चैंबर खुले न रहें। जानकारी के अनुसार शहर की सड़कों के किनारे ऐसे कई चैंबर खुले देखे जा रहे हैं लेकिन फिर भी जिम्मेदारों द्वारा इस पर कोई ठोस एक्शन नहीं लिया जा रहा है।
शाही तालाब के पास कवर किए गए चैंबर्स
स्वास्थ्य अधिकारी अंकिता बर्मन ने नवभारत को बताया कि उनके पास सोमवार को शाही तालाब के पास कुछ खुले चैंबर होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग के जिम्मेदारों को अवगत कराकर खुले चैंबर्स को कवर करवा दिया।
इनका कहना है
भवानी प्रसाद वार्ड अंतर्गत सिविक सेंटर इलाके में कई बड़े चैंबर खुले हुए हैं, ये मेरे संज्ञान में है। इन चैंबर्स को कवर करने के लिए लगने वाली राशि व अन्य सामान की स्वीकृति के लिए जेएमसी कमिश्नर साहब को पत्र लिखा गया है। ये प्रोसेस अभी चल रही है।
अंजलि चौहान, सब इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग।
