इंदौर: द्वारकापुरी क्षेत्र में अपराधियों का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है. मंगलवार रात जेल से रिहा हुआ कुख्यात बदमाश नारू उर्फ नारायण फिर सक्रिय हो गया और अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवक को अगवा कर घंटों तक बंधक बनाकर मारपीट की. आरोपियों ने युवक से एक लाख रुपए की मांग भी की. पीड़ित किसी तरह जान बचाकर घर पहुंचा और बुधवार सुबह थाने पहुंचा, लेकिन दिनभर बैठाए रखने के बाद भी एफआईआर की प्रति उसे नहीं दी गई.
इंडियन स्कूल के पास रहने वाला अमित जोशी डीजे साउंड का काम करता है. मंगलवार को नारू ने अपने साथियों चीनू काला और कृष्णकांत के साथ उसे पार्टी के बहाने जामगेट बुलाया था, वहां तीनों ने उसे बंधक बनाकर करीब तीन घंटे तक पिटाई की और रकम की मांग की. बाद में छोड़ने का नाटक कर अमित को रास्ते में फिर रोका और दोबारा हमला किया. घायल अमित रात में घर पहुंचा और परिजनों को पूरा घटनाक्रम बताया. परिजन बुधवार सुबह अमित को लेकर थाने पहुंचे.
चूंकि मामले में नारू का नाम आया था, इसलिए थाना प्रभारी मनीष मिश्रा के आने तक परिजन इंतजार करते रहे. दोपहर बाद अमित को मेडिकल के लिए भेज दिया और शाम को पुलिस ने कंप्यूटर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली. सूत्रों का कहना है कि नारायण उर्फ नारू हत्या के मामले में साढ़े डेढ़ साल जेल में रहने के बाद छूटा है. कुछ समय पहले मारपीट के एक मामले में उसे पकड़ने गई पुलिस पर उसने हमला कर दिया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.
पुराना हत्याकांड फिर चर्चा में
नारू का नाम द्वारकापुरी में हुए चर्चित चिंटू उर्फ भूपेंद्र वर्मा हत्याकांड में भी आ चुका है. युवती से संबंधों की शंका में नारू और उसके साथियों ने युवा की बेरहमी से हत्या की थी. आरोपियों ने पहले लाठियों और लोहे की रॉड से पीटकर हत्या की, फिर शव को ड्रम में जलाकर उसकी राख नर्मदा नदी में बहा दी थी. उस मामले में नारू के साथी कृष्णकांत वाघमरे और अन्नू गिरफ्तार हुए थे, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया था. द्वारकापुरी में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर लोगों में नाराजगी है, जबकि कुख्यात बदमाशों की दोबारा सक्रियता ने सुरक्षा सवालों को और गंभीर कर दिया है.
