साक्षी केसरवानी भोपाल। प्रदेश के इतिहास में पहली बार आयुर्वेद बीएएमएस की सीटें होम्योपैथी बीएचएमएस की सीटों से ज्यादा खाली रह गई हैं। विधिवत स्टेट व ऑल इंडिया कोटा की स्नातक नीट 2025-26 सत्र के तीन राउंड की काउंसलिंग के बाद भी आयुष की कुल 2007 सीटें खाली हैं। प्रदेश में कुल 63 आयुष कॉलेज संचालित हैं। संचालनालय की सूची के अनुसार शासकीय कॉलेजों में कुल 128 सीटें खाली हैं. जिनमें आयुर्वेद की 82, होम्योपैथी की 15 और यूनानी की 31 सीटें शामिल हैं। इसी तरह निजी कॉलेजों में भी बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं। निजी आयुर्वेद कॉलेजों में 1077 होम्योपैथी में 786 और यूनानी कॉलेजों में कुल 16 सीटें रिक्त हैं। फिलहाल स्ट्रे वेकेंसी राउंड काउंसलिंग जारी है। इस राउंड के तहत रिपोर्टिंग 24 से 26 नवंबर तक चलेगी। मेरिट का प्रकाशन 26 नवंबर को होगा। महाविद्यालयों में अस्थाई प्रवेश 27 से 28 नवंबर तक दिए जाएंगे जबकि प्रवेश निरस्तीकरण 28 नवंबर 2025 तक किया जा सकेगा। जानकारी के अनुसार स्ट्रे वेकेंसी के बाद भी लगभग 1000 सीटें आयुष स्नातक की खाली रह जाएंगी। एसोसिएशन इस संबंध में संबंधित मंत्रालयों और कमिश्नर आयुष और संचनालय आयुष मध्यप्रदेश को पत्र लिखने की तयारी में है.
कट ऑफ कम करने की मांग
केंद्रीय आयुष मंत्रालय भारत सरकार समेत संचालनालय आयुष से मांग की गई है कि नीट पर्सेंटाइल कम से कम 10 प्रतिशत कम किया जाये। साथ ही काउंसलिंग का एक और अतिरिक्त राउंड प्रवेश के लिए आयोजित हो, ताकि स्ट्रे वेकेंसी राउंड के बाद भी रिक्त रह जाने वाली सीटों पर अन्य छात्र लाभ लेकर प्रवेश प्राप्त कर सकें।
डॉक्टर राकेश पाण्डेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन
