बेंगलुरु, 05 अगस्त (वार्ता) देश की सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने मंगलवार को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपने विश्व स्तरीय रखरखाव, मरम्मत एवं ओवरहॉल (एमआरओ) केंद्र का निर्माण शुरू किया।
कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि भूमिपूजन में कर्नाटक सरकार की उद्योग आयुक्त गुंजन कृष्णा, बेंगलुरु अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सत्याकी रघुनाथ और इंडिगो के सीईओ पीटर एलबर्स मौजूद थे। परियोजना के 2028 तक पूरा होने और सेवा शुरू करने की उम्मीद है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि 31 एकड़ में फैला यह देश का सबसे बड़ा एमआरओ केंद्र होगा। इसमें एक समय 12 विमान एक साथ खड़े किये जा सकेंगे जिनमें वाइड बॉडी और नैरो बॉडी दोनों तरह के विमानों शामिल होंगे।
इंडिगो ने भूमि आवंटन के लिए इस साल मई में बेंगलुरु हवाई अड्डे के साथ करार किया था। इस केंद्र में एक हजार इंजीनियर, टेकनीशियन और अन्य लोगों को रोजगार मिलेगा।
श्री एलबर्स ने कहा कि इससे बेंगलुरु में इंडिगो की उपस्थिति और मजबूत होगी। एयरलाइंस यहाँ से रोजाना 200 से अधिक उड़ानों का परिचालन करती है।
इंडिगो के बेड़े में 400 से अधिक विमान हैं और इसलिए विश्वस्तरीय एमआरओ केंद्र उसकी जरूरत भी है। उसके पास पहले से दिल्ली और बेंगलुरु में दो एमआरओ केंद्र हैं, लेकिन यहाँ बन रहा नया एमआरओ केंद्र उनसे कहीं बड़ा होगा।
