
ब्यावरा।अगस्त माह के दूसरे पखवाड़े में एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरु हो गया है. दो-तीन दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है. बीती रात्रि को हुई बारिश के बाद स्थानीय अजनार नदी सहित अन्य नदी, नाले उफान पर आ गये. कई जगह कम हाइट वाले पुलिया, रपटे जलमग्न होने से घंटो तक आवागमन ठप्प रहा. झमाझम बारिश ने जिले की कुल औसत वर्षा का आंकड़ा छू लिया है. जबकि अभी और वर्षाकाल शेष है.
विदित है कि जिले की कुल औसत वर्षा 1100.7 एमएम है, शुक्रवार की सुबह 8 बजे तक जिले की कुल औसत वर्षा 1106.7 एमएम हो गई थी इसके बाद और भी बारिश हुई. इस तरह जिले की कुल औसत वर्षा का आंकड़ा पूरा हो गया है.
जिले में सबसे अधिक बारिश ब्यावरा में होना सामने आया है. विगत 24 घंटे में भी नगर में 54 एमएम यानि 2 इंच से अधिक बारिश हो गई. नगर में अभी तक कुल बारिश 1905.3 एमएम हो गई है. जिले की तहसीलों में आज दिनांक तक हुई बारिश की स्थिति इस प्रकार है. जीरापुर 1054 एमएम, खिलचीपुर 1071.4, राजगढ़ 976.7, ब्यावरा में 1905.3 एमएम, नरसिंहगढ़ 1225.6, सारंगपुर 566.4 तथा पचोर में 894.1 एमएम बारिश हुई है. इस तरह ब्यावरा में सर्वाधिक बारिश अभी तक हुई है.
कुएं-बावड़ी हुए लबालब
कुछ दिन थमने के बाद फिर बारिश होने से क्षेत्र के कुंए, बावड़ी, डेम, तालाब लबालब हो गये है. अनेक जगह कुंओ के ऊपर से पानी बहने लगा है. ट्यूबवल, हेण्डपम्प का जल स्तर भी काफी बढ़ा है.
3 दिन से आवागमन बाधित
सुठालिया रोड पर प्रसिद्ध धार्मिक स्थल घुरेल के यहां से गुजर रही घोड़ापछाड़ नदी पर मौजूद पुलिया बीते तीन दिनों से तेज बारिश होने से जलमग्न हो रही है. बारिश थमने पर थोड़े समय के लिए पुलिया से पानी उतर जाता है और फिर बारिश शुरु होने पर पुलिया पर पानी आ जाता है. बीती रत्रि से हो रही बारिश क चलते शुक्रवार सुबह से ही पुलिया पर पानी आ गया जो शाम तक रहा. इसी तरह समीपस्थ बिसौनिया रोड पर नाले के रपटे पर भी पानी आने से आवागमन बुरी तरह बाधित रहा.
जिले की औसत वर्षा 2001 से 2023 तक
जिले की औसत वर्षा के बीते वर्षो के बारिश के आंकड़े इस प्रकार है. 2001 में 645.8 एमएम, 2002 में 864.3, 2003 में 530.3, 2004 में 808.9, 2005 में 1012.9, 2006 में 764.8, 2007 में 1184.8, 2008 में 818.3, 2009 में 690.6, 2010 में 890, 2011 में 733.1, 2012 में 1513.1, 2013 में 1571.9, 2014 में 1073.8, 2015 में 1449.7, 2016 में 1331.7, 2017 में 816.8, 2018 में 825.2, 2019 में 1782.2, 2020 में 1098, 2021 में 1323.3, 2022 में 1915.1, 2023 में 797.3 एमएम बारिश हुई.
तहस-नहस हुआ पेंचवर्क
विगत दिवस पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बारिश थमने पर पेंचवर्क कराया गया था किंतु कुछ दिन में ही बारिश होने पर पेंचवर्क तहस-नहस होकर गिट्टी रोड पर बिखर रही है जो कि वाहनों के पहिए से उछटकर राहगीरों के लिए खतरा बनी हुई है. सडक़ो के उखडऩे से राहगीरों, वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
