मुंबई, रक्षाबंधन पर रिलीज हुई आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा और अक्षय कुमार की रक्षा बंधन बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित होने से फिल्म इंडस्ट्री को करोड़ों का भारी नुकसान हुआ।
हिंदी सिनेमा में अक्सर त्योहारी मौकों पर फिल्मों का रिलीज होना बड़ी सफलता की गारंटी माना जाता है। त्यौहारों की छुट्टियों का फायदा उठाने के लिए प्रोड्यूसर अपनी फिल्मों को बड़े पर्दे पर उतारते हैं। लेकिन हमेशा यह रणनीति सफल साबित हो, ऐसा जरूरी नहीं है। रक्षाबंधन जैसे बड़े त्यौहार के मौके पर जब बॉलीवुड के 2 दिग्गज कलाकार आमने-सामने आए, तो सिनेमाघर प्रेमियों से खचाखच भरने की उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि, बॉक्स ऑफिस का यह फेमस मुकाबला इंडस्ट्री की उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फेर गया।
त्योहार की छुट्टी पर टकराए 2 दिग्गज एक्टर
रक्षाबंधन के खास मौके पर सुपरस्टार आमिर खान की फेमस फिल्म लाल सिंह चड्ढा और अक्षय कुमार की पारिवारिक ड्रामा फिल्म रक्षा बंधन एक ही दिन सिनेमाघरों में रिलीज हुई थीं। दोनों ही बड़े अभिनेताओं के कारण फिल्म इंडस्ट्री और ट्रेड विश्लेषकों को इनसे बंपर कमाई की आस थी। यह माना जा रहा था कि लंबे समय से मंदी का सामना कर रही फिल्म इंडस्ट्री को इन बड़ी फिल्मों से नई ऊर्जा मिलेगी। दर्शक भी अपनी पसंदीदा हस्तियों को पर्दे पर देखने के लिए उत्साहित थे, लेकिन जब आंकड़े सामने आए तो तस्वीर बिल्कुल उलट निकली।
दर्शकों की बेरुखी और टिकट खिड़की पर सन्नाटा
सिनेमाघरों में रिलीज होते ही दोनों फिल्मों को दर्शकों का वो प्यार नहीं मिला जिसकी उम्मीद की जा रही थी। शुरुआती दिनों से ही टिकट खिड़की पर दर्शकों की मौजूदगी काफी कम रही। त्यौहार की लंबी छुट्टियों के बावजूद लोग सिनेमाघरों तक नहीं पहुंचे। जहां आमिर खान की फिल्म हॉलीवुड क्लासिक फॉरेस्ट गंप की रीमेक थी, वहीं अक्षय कुमार की फिल्म भाई-बहन के भावनात्मक रिश्ते पर आधारित थी। इसके बाद दोनों ही कहानियां आम दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रहीं और टिकट काउंटरों पर सन्नाटा पसरा रहा।
बायकॉट का साया और करोड़ों के नुकसान का गणित
इन दोनों फिल्मों की असफलता के पीछे केवल कमजोर कहानी ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर चला बायकॉट का दौर भी एक प्रमुख वजह बना। रिलीज से पहले ही सोशल मीडिया पर दोनों फिल्मों के खिलाफ विरोध का माहौल तैयार हो चुका था। इसका सीधा असर फिल्मों की कमाई पर देखने को मिला। भारी-भरकम बजट में बनी आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा और रक्षा बंधन अपनी लागत निकालने के लिए भी संघर्ष करती नजर आईं। दोनों बड़े प्रोजेक्ट्स के फ्लॉप होने से मेकर्स और वितरकों को सैकड़ों करोड़ रुपये का भारी आर्थिक घाटा झेलना पड़ा।
भविष्य की रणनीति के लिए मिला बड़ा सबक
इस बड़े बॉक्स ऑफिस क्लेश की नाकामी ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इससे यह साफ हो गया कि सिर्फ बड़े सितारों का नाम या त्यौहार का मौका किसी फिल्म को हिट कराने के लिए काफी नहीं होता। दर्शकों की पसंद अब तेजी से बदल रही है और वे दमदार स्टोरी को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। दो बड़ी फिल्मों का एक साथ टकराना और दोनों का ही फ्लॉप हो जाना पूरे बॉलीवुड के लिए एक बड़ा सबक साबित हुआ, जिसने मेकर्स को भविष्य में रिलीज की तारीखों और कंटेंट के चयन पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया।
