ब्यावरा। नगर में पेयजल संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है. बारिश के दिनों में भी पानी के लिए परेशान होना पड़ा तो अब ठंड के मौसम में भी पानी की समस्या दूर नहीं हो सकी है. वर्तमान में 5 से 6 दिन के अंतराल में नगर में पेयजल सप्लाई हो पा रही है. अब तो हर मौसम में ही पानी की किल्लत का दौर जारी है.
गौरतलब है कि एक समय गर्मी के दिनों में ही पानी की परेशानी बढ़ जाती थी किंतु अब प्रत्येक मौसम में ही पानी कि किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. बारिश के दिनों में भी पेयजल सप्लाई का अंतराल काफी बढ़ा रहा.
स्टॉक रखा पानी भी हो जाता है खत्म
वर्तमान में ठंड के मौसम में भी पेयजल सप्लाई का अंतराल काफी बढ़ा हुआ है, ऐसे में स्टॉक कर रखा पानी भी खत्म हो जाता है. ट्यूबवेल, हेण्डपम्प, कुएं आदि जल स्त्रोंतो से लोगों को पानी लाना पड़ता है, कई जगह तो आसपास जल स्त्रोंत नहीं होने पर दूर-दराज से लोग पानी लाते है. रविवार को राजगढ़ रोड, पंचशील कॉलोनी क्षेत्र में पांचवें दिन भी पेयजल सप्लाई नहीं हो सकी. यहां इसके पूर्व 18 नवम्बर को पेयजल सप्लाई हुई थी.
पाइप लाइन फूटी, 3 विद्युत मोटर में खराबी
21 नवम्बर को कुशलपुरा डेम से आने वाली मेन पेयजल सप्लाई लाइन पीपलहेला के यहां क्षतिग्रस्त हो गई. जिसके कारण दिन में काफी देर तक कुशलपुरा डेम से नगर में पानी सप्लाई ठप्प रही. जबकि 23 नवम्बर को डेम के फिल्टर प्लांट पर मौजूद 60-60 एच.पी. की तीन विद्युत मोटर में एकाएक खराबी आ गई जिन्हें दुरस्त किया जा रहा है, अब एक मोटर द्वारा ही नगर में पानी सप्लाई हो रहा है.
आखिर कब पटरी पर आएगी पेयजल सप्लाई
पेयजल सप्लाई जैसे गंभीर एवं महत्वपूर्ण कार्य के प्रति कितनी गंभीरता बरती जा रही है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पेयजल सप्लाई के कार्य में लगी किसी विद्युत मोटर फुंक जाती है तो उसको मरम्मत के लिए भोपाल ले जाया जाता है, क्योंकि विद्युत मोटरों को दुरस्त करने, मैंटेनेंस कार्य का ठेका भोपाल निवासी ठेकेदार का है, ऐसे में कोई विद्युत मोटर फुंक जाती है तो उसे मरम्मत के लिए भोपाल ले जाया जाता है, इसमें काफी समय और पेयजल सप्लाई में बहुत विलंब होता है. नपा का कहना है कि संबंधित ठेकेदार को नोटिस देते हुए कहा है कि वह खराब विद्युत मोटरों को स्थानीय स्तर पर ही दुरस्त करने की व्यवस्था करें. यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो नपा द्वारा इसको लेकर आगे की कार्यवाई की जाएगी.
