
जबलपुर। मानस भवन में हुए सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनैतिक चेतना सम्मेलन में रविवार को हंगामा खड़ा हो गया। आरोप-प्रत्यारोप के साथ धक्कामुक्की, मारपीट के साथ जमकर नारेबाजी हुई। संविधान और महापुरूषों से जुड़ी किताबें भी फाड़ी गई। जिसको लेकर आक्रोश भडक़ गया। सूचना मिलते ही दो एएसपी समेत चार थाना प्रभारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और मोर्चा संभाला।
क्या है मामला-
जानकारी के मुताबिक कुशवाहा जनजागृति विकास समिति जबलपुर एवं सम्राट अशोक क्रांति सेना के तत्वाधान में सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनैतिक चेतना सम्मेलन में राजेन्द्र पाल गौतम, केबिनेट मंत्री दिल्ली सरकार, पूर्व मंत्री, विधायक लखन घनघोरिया मुख्य अतिथि रहे। इसी बीच असामाजिक तत्वों ने संविधान, महापुरूषों से जुड़ी किताबें फाड़ी। विरोध करने पर मारपीट की गई। जमकर नारेबाजी की।
पुलिस ने खदेड़ा
सूचना मिलते ही एएसपी आयुष गुप्ता, एएसपी अंजना तिवारी, ओमती, कोतवाली, मदनमहल, लार्डगंज थाना प्रभारी बल समेत मौके पर पहुंच गए और मोर्चा संभाला। उपद्रव मचाने वालो को खदेडऩे के साथ बीच बचाव किया। मौके पर पुलिस फोर्स तैनात रहा।
दहशत में आ गए, हथियारों से लैस थे तत्व
कुशवाहा जन जागृति एवं विकास समिति अध्यक्ष वृंदावन वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान संविधान, महापुरूषों से जुड़ी किताबें के स्टाल लगे थे, पांच से अधिक तत्व घुस गए और हंगामा करने लगे। किताबें फाड़ दी। विरोध करने पहुंचे लोगों से मारपीट की गई। तत्व हथियारों से लैस थे। पुलिस प्रशासन की ढिलाई के चलते उपद्रव हुआ है। जिसके चलते महिलाएं और कार्यक्रम में उपस्थित लोग दहशत में आ गए थे। तत्वों ने कार्यक्रम मेेंं व्यवधान उत्पन्न किया है। मामले में हम एफआईआर दर्ज करवायेंगे।
सोची समझी रणनीति से उपद्रव
पूर्व क्षेत्र विधायक लखन घनघोरिया ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में युवक घुसे। मारपीट की। पुलिस युवकों को पकडऩे की बजाय यह जांच कर रही थी कि किताबों का स्टॉल लगाने की अनुमति थी या नहीं, जबकि युवक लात घूसे चलाते हुए मारपीट कर रहे थे। यह सब सोची समझी रणीनति लग रही है।
