
इंदौर. शहर में लगातार हो रही हॉस्टलों की चोरी की वारदातों के बीच पुलिस ने सक्रिय होकर एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो रोजाना ट्रेन से इंदौर आकर छात्रों के कमरों पर आपने हाथों की सफाई करता हैं, पुलिस की टीम ने ऐसे अंतरराज्यीय चोर गैंग को पकड़ने में सफलता हासिल की है. आरोपी गूगल मैप से लोकेशन चुनकर वारदात को आंजाम देते थे. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
शहर के हॉस्टलों को निशाना बना रहे अंतराज्यीय चोरी गिरोह को थाना भंवरकुआं पुलिस ने पकड़ा है. तीन सदस्यों वाले इस गैंग से करीब 25 लाख रुपए कीमत के मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट जब्त किए हैं. गिरोह गूगल मैप के जरिए हॉस्टलों की लोकेशन और गूगल जैमिनी की सहायता से स्थानीय भाषा समझकर चोरी की योजना तैयार करता था. शहर में चोरी और नकबजनी रोकने के लिए पुलिस आयुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद भंवरकुआं थाना क्षेत्र में एक विशेष टीम सक्रिय की गई थी. पुलिस उपायुक्त जोन-4, एसपी और एसीपी के मार्गदर्शन में टीम लगातार हॉस्टल क्षेत्रों, बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड और शैडो पॉइंट्स पर निगरानी कर रही थी. इसी दौरान 21 नवंबर को आईटी पार्क क्षेत्र में चेकिंग के दौरान तीन संदिग्ध भारी बैग लिए मिले. तलाशी में बड़ी संख्या में मोबाइल और लैपटॉप बरामद हुए. पूछताछ में उन्होंने चोरी की वारदातों को करना स्वीकार किया है, आरोपियो के खिलाफ भंवरकुंआ और बाणगंगा थाना क्षेत्रों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम करना कबूल किया है. गिरफ्तार आरोपियों में 38 वर्षीय मुथीयानथन, 26 वर्षीय मगेन्द्रन और 18 वर्षीय दीपक शामिल है. तीनों ही आरोपी वेलूर जिले, तमिलनाडु के रहने वाले है. यह सभी महू के आंबेडकर नगर में किराए के मकान में रहकर हर सुबह ट्रेन से इंदौर आते थे और हॉस्टलों में मौका मिलने पर मोबाइल, लैपटॉप सहित कीमती इलेक्ट्रॉनिक्स चोरी कर वापस महू लौट जाते थे, और चोरी का माल तमिलनाडु ले जाकर बेचने की तैयारी में थे. अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने तीनों आरोपियों के कब्जे से 18 मोबाइल, 10 लैपटॉप और एक टैबलेट बरामद किया है. इसके अलावा थाना बाणगंगा से चोरी हुआ आईफोन, सैमसंग, रेडमी, वीवो सहित 10 इलेक्ट्रॉनिक आइटम भी जब्त किए हैं. पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में और चोरी का माल सामने आ सकता है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.
