मुंबई, 07 अगस्त (वार्ता) भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को यूनिवर्सल बैंक में बदलने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी।
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को सूचीबद्ध वाणिज्यिक बैंक है, जिसने अप्रैल 2017 में देश के सबसे बड़े स्मॉल फाइनेंस बैंक के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी। देश के 21 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में इसके 2,505 बैंकिंग टच प्वाइंट हैं। इसके 1.6 करोड़ ग्राहक हैं। इस साल 30 जून को बैंक के पास शेयरधारकों की 17,800 करोड़ रुपये की परिसंपत्ति थी। उसके पास कुल जमा 1,27,696 करोड़ रुपये और उसके द्वारा दिया गया ऋण 1,17,624 करोड़ रुपये था।
रिजर्व बैंक के 26 अप्रैल 2024 को जारी सर्कुलर के अनुसार, किसी स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) के न्यूनतम चुकता पूँजी/नेट वर्थ और लगातार पांच साल तक संतोषजनक प्रदर्शन की शर्तों को पूरा करने पर वह यूनिवर्सल बैंक में परिवर्तन के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए बैंक का किसी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना, न्यूनतम नेट वर्थ 1,000 करोड़ रुपये और पिछले दो वित्त वर्षों में शुद्ध लाभ जरूरी है।
इसके अलावा, सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) तीन प्रतिशत या उससे कम और शुद्ध एनपीए एक प्रतिशत या उससे कम होने की भी शर्त है।
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक देश का पहला एसएफबी है, जिसे यूनिवर्सल बैंक बनने के लिए रिजर्व बैंक से सैद्धांतिक अनुमति मिली है। बैंक ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि उसने तीन सितंबर 2024 को इसके लिए केंद्रीय बैंक के पास आवेदन किया था।
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के संस्थापक, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय अग्रवाल ने इसे ऐतिहासिक बताया और कहा कि एयू सिर्फ एक बैंक नहीं, एक मिशन है। हमारी यात्रा हमेशा से बैंकिंग से कहीं आगे की रही है।
